एचपीसीए विवाद में दो आईएएस अफसरों के खिलाफ अभियोजना मंजूरी वापस लेने के बाद अब सरकार एचपीसीए मामले को ही राजनीति से प्रेरित बता केस वापसी की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी केस को लेकर सरकार को सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करना है, जिसके कारण कैबिनेट से मामले को राजनीति से प्रेरित बता केस वापसी का निर्णय आ सकता है।
कैबिनेट की मुहर के बाद सरकार पूर्व सीएम धूमल के खिलाफ अभियोजन मंजूरी भी वापस ले सकेगी। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने को सरकार सरकार 960 मैगावाट की लटकी जंगी थोपन जलविद्युत परियोजना सहित अन्य लटकी परियोजनाओं को शुरू करवाने के लिए निजी निवेशकों को राहत दे सकती है।
जल विद्युत परियोजनाओं में 12 से 30 प्रतिशत तक के रायल्टी प्रावधान में शिथिलता लाई जा सकती है। कैबिनेट पूर्व सरकार के समय में हुई कंडक्टर भर्ती पर स्थिति साफ करने के साथ कई विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति भी दे सकती है।