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HP Cabinet: सीवरेज शुल्क घटाने को मंजूरी, छात्रों के लिए वित्तीय सहायता की राशि बढ़ेगी, 66 पद भरेंगे

Thu, 30 Jul 2020 11:03 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना संकट के बीच प्रदेश के 53 शहरी क्षेत्रों में रहने वाले करीब डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को हिमाचल कैबिनेट ने बड़ी राहत दी है। अब उपभोक्ताओं से सीवरेज चार्ज 20 फीसदी कम लिया जाएगा। पेयजल बिल में सीवरेज चार्ज 50 से घटाकर 30 फीसदी ही लिया जाएगा। अगर पहले पानी बिल सौ रुपये आता था तो उनके बिल में पचास रुपये सीवरेज चार्ज जोड़ा जाता था। अब सीवरेज चार्ज 30 रुपये जोड़ा जाएगा। नगर निगम शिमला में पहले ही सीवरेज चार्ज तीस फीसदी है।

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अब सभी निकाय क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज चार्ज नहीं लगता। बैठक में सरकार ने खाद्य सुरक्षा आयोग का गठन करने का भी निर्णय लिया है। अब राशन न मिलने और गड़बड़ियां पाए जाने पर लोग आयोग में शिकायत कर सकेंगे। वहीं, कामगारों के बच्चों की पढ़ाई और दो बच्चों की शादी के लिए भी वित्तीय सहायता बढ़ाई गई है। कोरोना के चलते मनरेगा मजदूरों और भवन निर्माण कामगारों को दो हजार की तीसरी किस्त भी मिलेगी।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में वीरवार को पीटरहाफ शिमला में कैबिनेट बैठक में प्रदेश के करीब 1.40 लाख भवन एवं अन्य निर्माण कामगारों और बोर्ड के तहत मनरेगा के पंजीकृत कामगारों को कोरोना संकट के बीच सरकार ने दो हजार रुपये की तीसरी किस्त देने का फैसला लिया है। कल्याण बोर्ड में पंजीकृत कामगारों के पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले लड़कों को तीन की जगह पांच हजार और लड़कियों को सात की जगह आठ हजार रुपये मिलेंगे।

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नवीं से जमा दो के लिए लड़कों को छह की जगह आठ और लड़कियों को आठ की जगह 11 हजार रुपये सालाना मिलेंगे। स्नातक के लिए लड़कियों को 15 नहीं अब 16 हजार और लड़कों को दस की जगह 12 हजार रुपये मिलेंगे। स्नातकोत्तर या डिप्लोमा के लिए लड़कियों को बीस के बजाय 21 हजार और लड़कों को 15 की जगह 17 हजार रुपये मिलेंगे। प्रोफेशनल कोर्स/डिग्री, पीएचडी या शोध के लिए लड़कियों को 35 की जगह 36 हजार और लड़कों को 25 की जगह 27 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। कामगारों को दो बच्चों की पढ़ाई के लिए यह वित्तीय सहायता दी जाएगी। कामगारों के दो बच्चों की शादी के लिए 35 की जगह 51 हजार की मदद मिलेगी।

पंचायत, शहरी निकाय वार्ड, तहसील की सीमाएं में होगा बदलाव 
पंचायतों व शहरी निकायों के पुनर्गठन को अब 31 दिसंबर, 2020 तक रियायत दे दी है। इससे पूर्व केंद्रीय जनगणना विभाग ने सभी सीमाएं बंद कर दी थीं, जिसके कारण पुनर्गठन कार्य रुक गया था। केंद्र से मंजूरी के बाद वीरवार को शहरी विकास विभाग ने कैबिनेट में इसकी प्रस्तुति दी। राज्य चुनाव आयोग से चर्चा कर पुनर्गठन के आधार पर चुनाव करवाया जाएगा। इससे पंचायतों, वार्ड तहसील आदि की सीमाएं बदली जा सकेंगी। साल के अंत में पंचायतों और शहरी निकायों के चुनाव होने हैं। प्रदेश के 54 शहरी निकायों में हाउस टेक्स ऑनलाइन तैयार भरने की सुविधा मिलेगी।

कोरोना के चलते बने रहेंगे संस्थागत क्वारंटीन केंद्र, नाइट कर्फ्यू हटेगा 
केंद्र जारी अनलॉक 3 की गाइडलाइन में संस्थागत क्वारंटीन सेंटर बंद करने की घोषणा के बावजूद हिमाचल में यह केंद्र चालू रहेंगे। हिमाचल कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार वार्ता के दौरान शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि बैठक में  तय हुआ है कि प्रदेश में एक अगस्त से कोरोना के चलते लागू नाइट कर्फ्यू अब हट जाएगा। इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग विस्तृत एसओपी जारी करेगा। प्रदेश को सुरक्षित रखने के लिए अन्य नियम लागू रहेंगे।

सरकार ने जल शक्ति विभाग में अनुबंध आधार पर कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के 30 पद, कनिष्ठ अभियंता (मेकेनिकल) के 20 पद और कनिष्ठ अभियंता (इलेक्ट्रिकल) के छह पद भरने को स्वीकृति प्रदान की। अनुबंध आधार पर आशु टंकक के दो पद और उपायुक्त कार्यालय कुल्लू में दैनिक भोगी आधार पर वाहन चालक का एक पद, इसके अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय चंबा में दैनिक भोगी आधार पर वाहन चालक का एक पद भरने का निर्णय लिया।

सहकारी विभाग में स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को दिए जाने वाले आरक्षण के तहत बैकलॉग के लिए अनुबंध आधार पर कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के दो पद भरने को स्वीकृति दी। कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में महिला शक्ति केंद्र योजना लागू करने की स्वीकृति प्रदान की। हर जिले में महिला कल्याण अधिकारी का एक पद और जिला समन्वयक के दो पदों को आउटसोर्स आधार पर भरने को स्वीकृति प्रदान दी।

जेओए आईटी के पद पर भी करूणामूलक नौकरी
अब कनिष्ठ कार्यालय सहायक आईटी के पद पर भी करूणामूलक पद भरे जाएंगे। कैबिनेट ने इसकी भी मंजूरी दी।

18 स्टाफ नर्सों को नियुक्ति देने की स्वीकृति 
मंत्रिमंडल ने रोगी कल्याण समिति में अनुबंध पर कार्य रहीं और रोस्टर प्वाइंट से शेष रह गईं 18 स्टाफ नर्सों को नियुक्ति देने की स्वीकृति प्रदान की। भर्ती का मामला निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं की ओर से प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को भेजा गया है। 

शिक्षकों की ऑनलाइन तबादला नीति को लेकर दी प्रस्तुति

मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के सॉफ्टवेेयर के माध्यम से किए जाने वाले तबादलों की प्रस्तुति भी दी। शिमला जिला के सीएचटी और एचटी के सॉफ्टवेयर से तबादले करने का उदाहरण देते हुए मंत्रियों को नई नीति से अवगत कराया गया। मंत्रिमंडल की बीती बैठक में मंत्रियों ने नई नीति का ट्रायल देखने की इच्छा जताई थी। वीरवार को हुई प्रस्तुति को लेकर फिलहाल कोई भी आगामी फैसला नहीं लिया गया। अब आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा कि सरकार की शिक्षकों के सॉफ्टवेयर से तबादले करने को मंजूरी देती है या सिफारिश के आधार पर ही बीते कई वर्षों से चल रही प्रक्रिया को ही जारी रखती है।

राशन गड़बड़ी पर नपेंगे अफसर, लगेगा जुर्माना
डिपो में राशन न दिए जाने और राशन संबंधित गड़बड़ियां पाए जाने पर अब दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। लोगों की सुनवाई के लिए सरकार ने हिमाचल खाद्य सुरक्षा आयोग के गठन का फैसला लिया है। वीरवार की मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी प्रदान की है। इसमें खाद्य आपूर्ति महकमे के अधिकारियों को जुर्माने का प्रावधान भी है। हालांकि केंद्र के निर्देशों के बाद सरकार की ओर से पहले भी इसकी फाइल चलाई गई थी। सरकार की ओर से लोगों से आवेदन भी मांगे गए थे। सचिवालय से रिटायर्ड अफसरों ने इसके लिए आवेदन किया था। मुख्यमंत्री कार्यालय में दबाव बनाए जाने पर कुछ समय तक इस फाइल को पेंडिंग में रखा गया। अब इसे मंजूरी दी गई है। 

दो स्कूलों में शुरू होंगी विज्ञान-वाणिज्य की कक्षाएं
सरकार ने कांगड़ा के इंदौरा विस के कंदरौडी स्कूल में विज्ञान कक्षाएं (नॉन मेडिकल) और ज्वालामुखी विधानसभा में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुम्मर में वाणिज्य कक्षाएं और इन विषयों में प्रवक्ताओं के 6 पदों के सृजन के साथ भरने का निर्णय लिया। बागवानी और वानिकी विकास और विस्तार संस्थान थुनाग का नाम वानिकी और बागवानी महाविद्यालय थुनाग करने और महाविद्यालय प्रबंधन के लिए आवश्यक पदों को सृजित करने को भी सहमति दी। सिरमौर के नारग में जल शक्ति विभाग का उपमंडल खोलने, इसके अलावा इस उपमंडल के अंतर्गत नारग और दिलमन में नए अनुभाग बनाने का निर्णय भी लिया।

जीएसटी एक्ट में संशोधन के लिए अध्यादेश मंजूर

जीएसटी काउंसिल की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम 2017 की कुछ धाराओं में संशोधन किए हैं, लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते विधानसभा सत्र न होने से हिमाचल प्रदेश जीएसटी अधिनियम के तहत संशोधन जारी नहीं किए जा सके। ऐेसे में अब कैबिनेट ने संशोधन को अध्यादेश के माध्यम से करने की मंजूरी दे दी।

धोखाधड़ी से इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करना गैर जमानती अपराध
वस्तु और सेवा कर अधिनियम में विभिन्न तरह की कर चोरी करने वालों को कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। जयराम मंत्रिमंडल ने वीरवार को हुई बैठक में जीएसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में संशोधन के लिए जिस अध्यादेश को मंजूरी दी है। इसमें कई धाराओं में बदलाव किया गया है।  

मंत्रिमंडल ने उक्त अधिनियम की धारा 132 में संशोधन के लिए अध्यादेश के खंड 10 को स्वीकृति प्रदान की। ताकि इनवाइस के बिना ही धोखाधड़ी से इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करने के अपराध को उक्त अधिनियम की धारा 69 की उप-धारा 1 के अंतर्गत संज्ञेय और गैर जमानती अपराध घोषित किया जा सके और ऐसे व्यक्ति जिसको विशेष लेनदेन का लाभ होता है और जिसके कहने पर ऐसा लेनदेन किया जाता है।
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उसको दंड के लिए उत्तरदायी ठहराया जा सके, साथ ही इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए स्थानांतरीय (ट्रांजिशनल) व्यवस्था से संबंधित अधिनियम की धारा 140 में संशोधन करने के लिए अध्यादेश के खंड 11 को अपनी स्वीकृति दी। ताकि वर्तमान नियमों के अंतर्गत कुछ अन अवेल्ड क्रेडिट्स के मामलों में इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए समय सीमा और तरीके का निर्धारण किया जा सके। यह संशोधन 1 जुलाई 2017 से पूर्व व्यापी रूप से प्रभावी होगा।

इसी तरह अधिनियम के धारा 31 के उप धारा (2) के नियम को प्रतिस्थापन करने के लिए अध्यादेश के खंड 7 को स्वीकृति प्रदान की। धारा 51 में संशोधन करने के लिए अध्यादेश के खंड 8 को अपनी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने उक्त अधिनियम की धारा 122 ए के अंतर्गत उप धारा (1) को शामिल करने के लिए अध्यादेश के खंड 9 को मंजूरी प्रदान की। बैठक में उक्त अधिनियम में नई धारा 168 ए को शामिल करने के लिए अध्यादेश की खंड 12 को भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने उक्त अधिनियम के धारा 172 को संशोधित करने के लिए अध्यादेश के खंड 13 को स्वीकृति प्रदान की है।
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