विभाग की जन जागरूकता से लेकर आग बुझाने तक की सारी कोशिशों के बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका। हाल में हुई बारिश के बाद भले ही विभाग को कुछ राहत मिली है लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।
चूंकि इस बार की आग की घटनाएं उन इलाकों में नहीं हुईं, जहां फायर लाइन पूरी तरह साफ थी और चीड़ की पत्तियां समय से हटा ली गई थीं। ऐसे में यह साफ है कि चीड़ की पत्तियों के हटने से ही आग की समस्या खत्म हो सकती है।
इसी को देखते हुए विभाग ने नए सिरे से सरकार को यह प्रस्ताव भेजा है। सूत्रों का कहना है कि इस बार की मंत्रिमंडल की बैठक में चीड़ पत्ती उद्योग की पॉलिसी को मंजूरी मिल सकती है।