निजी स्कूलों की फीस कम करने का अब नए सिरे से प्रस्ताव बनाया जाएगा। बुधवार को इस मामले को लेकर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा के बाद शिक्षा विभाग को सभी पक्षों को राहत देते हुए नया प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए। सरकार ने अभिभावकों सहित स्कूल प्रबंधन के हितों का भी ध्यान रखते हुए नया प्रस्ताव बनाने को कहा।
शिक्षा विभाग को 17 मई के बाद लॉकडाउन की स्थिति को देखते हुए दोबारा प्रस्ताव लाने को कहा गया है। प्रदेश के कुछ निजी स्कूलों ने सरकार को अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देकर फीस कम नहीं करने की मांग की है। अभिभावकों की ओर से सरकार को मार्च से मई तक की फीस को कम करने की मांग की गई है। ऐसे में प्रदेश सरकार इस मामले को लेकर अभी जल्दबाजी को कोई फैसला नहीं लेना चाहती है।
इसके चलते ही इस मामले को फिलहाल 17 मई तक टाल दिया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दोबारा से प्रस्ताव बनाने को कहा गया है। बता दें कि शिक्षा विभाग के प्रस्ताव में मार्च से मई तक अभिभावकों से सिर्फ ट्यूशन फीस ही लेने का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा गया था। इसी बीच कुछ निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को अपने मांग पत्र भेजे हैं। ऐसे में सरकार ने इस मामले को कुछ दिनों तक टालते हुए नया प्रस्ताव बनाने को कहा है।
कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार ने 5.69 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों को 217.86 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान करके विशेष राहत पहुंचाई है। जनजातीय क्षेत्रों के लाभार्थियों को यह पेंशन छह माह के लिए तथा गैर-जनजातीय क्षेत्रों के लाभार्थियों को तीन माह के लिए अग्रिम तौर पर दी गई है।
विधवाओं और दिव्यांगजनों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन को पहली अप्रैल 2020 से 850 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1000 रुपये किया गया है। कोविड-19 के संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में प्रदेश के 1,11,863 राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा लाभार्थियों को 500 रुपये प्रति लाभार्थी प्रदान किए गए हैं। इसके लिए प्रदेश को 5 करोड़ 59 लाख 33 हजार रुपये स्वीकृत हुए हैं। इन लाभार्थियों को शीघ्र ही अतिरिक्त 500 रुपये प्रति लाभार्थी जारी किए जाएंगे।