गरीबी की तपिश में सोना बनकर निकली मेधावी छात्रा सोनिका को आपकी मदद की जरूरत है। दसवीं की बोर्ड परीक्षा में टॉपर और जमा दो में प्रदेश भर में दूसरे स्थान पर रहने वाली सोनिका आगे की पढ़ाई सुचारु रखने में असमर्थ है। वह सीए बनने का सपना संजोए है मगर परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
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‘अमर उजाला’ से घर की हालत बयां करते वक्त बिटिया के आंसू छलक पड़े। सरकारी मदद तो कुछ न कुछ मिल रही है लेकिन परिवार की आय न होने, किराये का मकान, एवं तीन भाई-बहन पढ़ने वाले होने के कारण वह कोचिंग एवं महंगी पढ़ाई का जोखिम नहीं उठा सकती है।
उधर, माता-पिता ने गरीबी के बावजूद बच्चों की पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। पांवटा निवासी मेधावी छात्रा सोनिका के पिता कश्मीर सिंह (53) और मां सुनीता देवी (47) ने बताया कि बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए उन्होंने मकान तक बेच दिया था। निर्धन परिवार बीपीएल सूची में शुमार है।
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शुरू से पढ़ाई में उनके तीनों ही बच्चे मेधावी रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए ऋण लिया और स्कॉलरशिप से थोड़ा सहारा मिला। लेकिन, अब बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च करना कठिन हो गया। इस परिवार को विगत वर्ष देवीनगर वार्ड-10 में अपना मकान तक बेचना पड़ा।
किराये के मकान में रह रहा परिवार
इसके बाद परिवार नगर परिषद के शमशेरपुर वार्ड-13 स्थित किराये के मकान में रह रहा है। दो कमरों के सेट का किराया साढ़े 4 हजार है। लेकिन, बेटी सोनिका का सपना पूरा करना कठिन होता जा रहा है। मेधावी छात्रा सोनिका के पिता दिहाड़ी मजदूरी तथा मां कपड़ों की सिलाई करके बच्चों की शिक्षा में आर्थिक मदद करती है।
सबसे बढ़ी बेटी निशा (22) ने बी-फार्मा की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। अब मतरालियों स्थित संस्थान से एम-फार्मा कर रही है। सबसे छोटा बेटा इंद्रजीत सिंह (16) ने भी 10वीं बोर्ड की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। बीकेडी स्कूल पांवटा में कक्षा 10+1 नान मेडिकल में शिक्षा ग्रहण कर रहा है। जबकि सोनिका (18) वर्ष 2014-15 में प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10+2 कॉमर्स परीक्षा में प्रदेश भर में दूसरे स्थान पर रही।
दंपति ने कहा कि शिमला पीटरहॉफ में जुलाई माह 2015 में प्रदेश के नंबर-1 दैनिक समाचार पत्र ‘अमर उजाला’ का सम्मान समारोह हुआ। इस दौरान परिजन मुख्यमंत्री से मिले थे। मेधावी छात्रा को सीए करवाने में आर्थिक सहायता प्रदान करने की गुहार लगाई। काफी पत्र व्यवहार करने पर मंत्री सुधीर शर्मा से15 हजार सहायता राशि मिल सकी है। इतनी राशि से सीए की शिक्षा एवं कोचिंग लेना कठिन था। मजबूरन डिग्री कॉलेज पांवटा में बी-कॉम प्रथम में प्रवेश करवाना पड़ा है।
सीए बनने का लक्ष्य रखा है सोनिका ने
सोनिका ने बताया कि 10वीं में प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण करने पर प्रदेश सरकार ने एक साल के 10 हजार रुपये स्कॉलरशिप एवं लैपटॉप दिया है। इसके बाद 10+2 कॉमर्स कक्षा के लिए रोज 6 से 8 घंटे पढ़ाई करती थीं। प्रदेश में मेरिट के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। ‘अमर उजाला’ के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में सीएम के हाथों पुरस्कार प्राप्त कर गौरवान्वित महसूस किया। वीर शिवाजी स्पोर्ट्स क्लब पांवटा के अध्यक्ष मधुकर डोगरी ने कहा कि कश्मीर सिंह का परिवार बीपीएल सूची में है।
शिक्षा में इस गरीब परिवार के तीनों ही बच्चे मेधावी रहे हैं। इसी माह 3 फरवरी को सोनिका को डॉ. अंबेडकर प्रतिष्ठान राष्ट्रीय मेधा पुरस्कार के लिए नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत से पुरस्कार मिला। डोगरी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री, हिप्र के मुख्यमंत्री, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा को मेधावी बच्चों की मदद के लिए पत्र भेज दिया है।
सोनिका की मदद को प्रदेशभर से आगे आए लोग
निदेशक ने स्कूल-कालेज से मांगी रिपोर्ट- उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने ‘अमर उजाला’ की खबर पर संज्ञान लेते हुए विभागीय अधिकारियों और पांवटा साहिब स्कूल और प्रिंसिपल से सोनिका के मामले को लेकर रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने बताया कि मालूम किया जाएगा कि सोनिका को कौन-कौन सी छात्रवृत्तियां मिल रही हैं। सरकारी मदद को लेकर भी विचार किया जाएगा।
पांवटा की होनहार छात्रा सोनिका के सहयोग के लिए प्रदेश भर से लोगों ने आर्थिक रूप से सहायता देने का आश्वासन दिया है। सोलन जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शिव कुमार ने सोनिका को 10 हजार की सहायता देने का आश्वासन दिया। जिला उद्योग महाप्रबंधक जीएस चौहान ने कहा कि उद्यमियों से मिलकर सोनिका की मदद करेंगे।
आप भी इस तरह कर सकते हैं मदद
जिला पुलिस अधीक्षक सौम्या साम्बशिवान ने कहा कि सोनिका की आर्थिक सहायता के लिए वह तत्पर हैं। वह सोनिका को मिलने पांवटा जाएंगी। बिलासपुर निवासी रोहित कुमार और मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने भी मदद को हाथ बढ़ाएं हैं। एचपी ब्रांच ऑफ इंस्टीट्यूट चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन केपी चौधरी ने कहा कि वह सोनिका की बीकॉम की 6 हजार की फीस और फार्म भरने के लिए आर्थिक मदद करेंगे। इस अकाउंट नंबर पर करें सहायता सोनिका स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, शाखा पांवटा साहिब खाता संख्या-31377601923
अष्टभुजा जागरण सोसायटी छोटा शिमला भी स्कूल शिक्षा बोर्ड की टॉपर रही पांवटा साहिब निवासी सोनिका की आर्थिक मदद को आगे आई है। शनिवार को ‘अमर उजाला’ में ‘बोर्ड टॉपर सोनिका बनना चाहती सीए, फार्म खरीदने तक को पैसे नहीं’ शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद सोसायटी ने सोनिका को 2100 रुपये देने का फैसला लिया।
ईसपुर स्कूल की होनहार धाविका बख्शो देवी की मदद का सिलसिला जारी है। लोग इस उड़नपरी के भविष्य को संवारने के लिए मदद को निरंतर आगे आ रहे हैं। पिछले दिनों उद्योग मंत्री एवं हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री ने ईसपुर स्कूल में बख्शो को एक लाख रुपये देने का एलान किया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ईसपुर के प्रधानाचार्य सोमनाथ भाटिया ने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से भी बख्शो के लिए मदद मांगी गई है, ताकि यह गरीब बच्ची अपने हुनर को तराश कर खेलों में स्कूल और क्षेत्र का नाम चमका सके।
उन्होंने बताया कि अमर उजाला और अन्य सहयोगियों के प्रयास से बख्शो के खाते में तीन लाख 21 हजार की रकम जमा हो गई है। गौर हो कि बख्शो की ओर से नंगे पांव पांच हजार मीटर की दौड़ जीतने के हुनर को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद देश और विदेश से लोग उसकी मदद को आगे आए। अमर उजाला ने अपने स्तर पर शिमला स्थित इंडस अस्पताल में बख्शो का इलाज भी करवाया।