एक बार फिर संभावना पर शुरू हुई चर्चा
बुधवार को प्रशासनिक इकाइयों के गठन के लिए आयोग अधिसूचित करने के बाद एक बार फिर इस संभावना पर चर्चा शुरू हुई है। लाहौल-स्पीति का काजा, कुल्लू का आनी शिमला, चंबा का पांगी लाहौल-स्पीति के नजदीक हैं। चंबा में भटियात भी कांगड़ा के शाहपुर और नूरपुर से सटा है। ऐसे कई क्षेत्र हैं जो जिला मुख्यालय से बहुत दूर हैं। इसीलिए यह मुद्दा उठता रहा है। वर्ष 2011 में धूमल सरकार में तत्कालीन मंत्री रविंद्र रवि ने कांगड़ा से देहरा, नूरपुर और पालमपुर को अलग जिले बनाने का समर्थन किया। तर्क दिया कि इससे जनता की प्रशासनिक जरूरतें पूरा हाेंगी, पर उस समय पूरी कैबिनेट सहमत नहीं हुई।
2013 में वीरभद्र सिंह ने भी बनाया था आयोग
तत्कालीन मुख्यमंत्री धूमल ने यह विचार स्थगित किया। 2013 में वीरभद्र सिंह ने भी जिले बनाने की जरूरत का आकलन करने के लिए आयोग बनाने की बात की पर यह नहीं बना। वीरभद्र ने बाद में कहा कि नए जिले बनाना प्राथमिकता नहीं है। उन्होंने नए जिले बनाने की संभावना खारिज कर कहा कि सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। वर्तमान सुक्खू सरकार ने मई 2026 में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी थी। अब आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर एक और कदम आगे बढ़ाया है।
जनगणना के बाद ही हो सकेगा गठन या पुनर्गठन
हिमाचल प्रदेश में नए जिलों या अन्य प्रशासनिक इकाइयों का गठन या पुनर्गठन जनगणना के बाद ही होगा। केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार देश में सभी प्रशासनिक इकाइयों की सीमाएं एक जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक स्थिर रखने को कहा है।
प्रशासनिक इकाइयों के गठन से सियासी संतुलन साधने का होगा प्रयास
राज्य में नए जिलों और अन्य प्रशासनिक इकाइयों के गठन से सियासी संतुलन साधने का भी प्रयास होगा। कांगड़ा, मंडी और शिमला के अलावा यह संतुलन अन्य जिलों में भी बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री भविष्य के राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए कमेटी की रिपोर्ट के आने के बाद निर्णय ले सकते हैं।
कांग्रेस के 13 और भाजपा के 17 संगठनात्मक जिले
राज्य में वर्तमान में कांग्रेस के 13 और भाजपा के 17 संगठनात्मक जिले हैं। 12 प्रशासनिक जिलों के नामों के साथ भाजपा के नूरपुर, देहरा, पालमपुर, सुंदरनगर और महासू संगठनात्मक जिले हैं। कांग्रेस में जिला शिमला के दो संगठनात्मक जिले शिमला शहरी और शिमला ग्रामीण हैं।