कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सोमवार को शिमला में भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई।भाजपा कार्यकर्ताओं ने चौड़ा मैदान में लगाए गए बैरिकेड तोड़ने का भी प्रयास किया और पुलिस पर झंडे, डंडे और पानी की बोतलें फेंकीं। प्रदर्शनकारी जब बैरिकेड नहीं तोड़ पाए तो कुछ देर के लिए चौड़ा मैदान में धरने पर बैठ गए। विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन चौड़ा मैदान में भाजपा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ हल्ला बोल प्रदर्शन किया। राज्यभर से हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शिमला पहुंचे। प्रदेश भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा।
अभी जयराम ठाकुर जनसभा को संबोधित ही कर रहे थे कि भाजयुमो के कुछ कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए पुलिस बैरिकेड तक पहुंच गए और तोड़ने का प्रयास करने लगे। तीन कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पर चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन एसपी शिमला संजीव गांधी की अगुवाई में तैनात पुलिस दल ने उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया। इसके बाद बैरिकेड को धकेल कर गिराने का प्रयास किया, लेकिन दूसरी और मौजूद पुलिस कर्मी भी पूरी ताकत से डटे रहे। पुलिस ने चौड़ा मैदान में वाटर कैनन भी तैनात कर रखी थी, मगर इसका इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ी।
सांसद कश्यप, विधायक वर्मा और डाॅ. जनक दीवार पर चढ़ेप्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद सुरेश कश्यप, चौपाल के विधायक बलवीर वर्मा और भरमौर से विधायक डाॅ. जनक राज बैरिकेड के साथ दीवार पर चढ़ गए। इस दौरान एक विधायक की पुलिसकर्मियों के साथ बहस भी हुई। करीब पौने दो बजे सुरेश कश्यप, रणधीर शर्मा, डाॅ. जनकराज सहित अन्य विधायक चौड़ा मैदान से विधानसभा की ओर रवाना हो गए। इसके बाद चौड़ा मैदान से भी भीड़ तितर-बितर हो गई। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सुरेश कश्यप, सिकंदर कुमार, इंदु गोस्वामी, बिहारी लाल शर्मा, त्रिलोक कपूर, सभी विधायक, पूर्व विधायक और प्रदेश पदाधिकारी प्रदर्शन में उपस्थित रहे।
कामयाब रहे शिमला पुलिस के नए लिंक बैरिकेडप्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए शिमला पुलिस के नए लिंक बैरिकेड कामयाब रहे। सामान्य के मुकाबले ऊंचे और सपाट लोहे की चादर वाले बैरिकेड पर प्रदर्शनकारी नहीं चढ़ पाए, जिन्होंने चढ़ने की कोशिश की, वह भी फिसलकर गिर गए। बैरिकेड को आपस में जोड़ने के लिए लोहे के मोटे पाइप इस्तेमाल किए गए। चौड़ा मैदान से कैनेडी चौक तक तीन जगह बैरिकेडिंग की गई थी। अंतिम क्षणों में चौड़ा मैदान अनाडेल सड़क भी सील कर दी गई।