प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रदेश इकाई से चर्चा के बाद सोच समझकर ही मंत्रियों का चयन किया है। ऐसे में किसी के नाराज होने का सवाल नहीं उठता है। अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार होटल पीटरहॉफ में पत्रकार वार्ता में कश्यप ने कहा कि प्रदेश संगठन में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है। विधायक दल की बैठक में वरिष्ठ विधायकों के न पहुंचने, संगठन महामंत्री पवन राणा और रमेश धवाला के बीच चल रहे सियासी युद्ध पर उन्होंने कहा कि पार्टी में अगर गुटबाजी होती तो लोकसभा के चुनाव में सभी 68 सीटों पर बढ़त न मिलती।
विधायक दल की बैठक में न आने वाले विधायकों ने मीडिया में भी निजी कारणों की जानकारी दी है। पहली बार के विधायक को मंत्री बनाने और वरिष्ठों को दरकिनार करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को प्रदेश के हित में ठीक लगा, वह किया गया है। कहा कि 2022 में प्रदेश में दोबारा सरकार बनाना और उससे पहले पंचायत चुनाव में पार्टी की जीत लक्ष्य है।
हमीरपुर जिले से चार नेता बनाए हैं चेयरमैन
कश्यप ने कहा कि हमीरपुर जिले से चार नेताओं को चेयरमैन बनाया गया है। केंद्र में अनुराग हमीरपुर का नेतृत्व कर रहे हैं। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से वीरेंद्र कंवर और बिक्रम सिंह मंत्री हैं। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर हमीरपुर ही नहीं, बल्कि हिमाचल का गौरव हैं।
कोविड फंड का कोरोना वॉरियर्स के लिए किया इस्तेमाल
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कोविड फंड में लोगों ने बीमारी से लड़ने को दान किया था। सरकार ने उस पैसे का कोरोना वॉरियर्स के लिए उपकरण खरीदने के साथ हर जरूरी चीज के लिए उपयोग किया है। कश्यप ने कहा कि संगठन का स्वरूप नया है। अभी इसके विस्तार की प्रक्रिया जारी है। जरूरत महसूस हुई तो कुछ नए चेहरों को जरूर जोड़ा जाएगा। कहा कि पार्टी आम लोगों को प्रेरित करेगी कि वह 5 अगस्त की शाम दीप जलाकर राम मंदिर निर्माण के लिए प्रति अपनी खुशी व्यक्त करें।