भाजपा विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल और प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती के नेतृत्व में राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात की। विधायकों ने कहा कि प्रदेश में लगातार अपराध बढ़ रहा है और प्रदेश सरकार इसे रोकने में पूरी तरह असफल रही है। विधायकों ने मांग की कि राज्यपाल तत्काल प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति से आम चुनाव कराने की सिफारिश करें।
मुलाकात के बाद धूमल ने कहा कि शिमला पुलिस की कार्रवाई से प्रतीत होता है कि असली दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया है और निर्दोष लोगों को दोषी ठहराया जा रहा है। मुख्यमंत्री के फेसबुक अकाउंट में पहले दोषियों की फोटो वायरल होना और फिर उन्हें हटा लेना दर्शाता है कि प्रदेश सरकार के दबाव में पुलिस प्रशासन यह सब कर रहा है।
जनता के भारी दबाव में प्रदेश सरकार ने मामले को सीबीआई को सौंपा है। सत्ती ने कहा कि गुड़िया हत्याकांड के अलावा वन रक्षक होशियार सिंह की निर्मम हत्या करके उसके शव को पेड़ से लटका कर आत्महत्या में बदलने का प्रयास हुआ है। उससे प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था की पोल खुल गई है।
जनता के भारी दबाव में हत्या का मामला दर्ज तो किया है लेकिन प्रदेश सरकार वन माफिया के दबाव में जिस तरह से काम कर रही है, उससे न्याय की उम्मीद कम ही है।
इसके अलावा परवाणू से गायब नाबालिग लड़की को ढूंढने में नाकाम रहना, कुल्लू की नाबालिग लड़की से रेप व हत्या होना, सरकाघाट की मोनिका का लापता होना और संदेहास्पद परिस्थितियों में सुनीता की मौत होना, सिरमौर में विवाहिता को अगवा कर जबरदस्ती दुराचार करने जैसी घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि प्रदेश में कानून का राज नहीं बल्कि जंगलराज है।