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टिकट आवंटन से पहले भाजपा ने शुरू किया ये काम, हर सीट पर हैं कई दावेदार

Tue, 10 Oct 2017 10:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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विधानसभा चुनाव की तिथि घोषित होने से पहले प्रदेश की दूसरी बड़ी पार्टी ने डैमेज कंट्रोल पर काम शुरू कर दिया है। भाजपा ने हर विधानसभा सीट पर कई दावेदार होने से डैमेज कंट्रोल पर काम शुरू कर दिया है। 
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संगठनात्मक जिलों की सोमवार को अहम बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने हर सीट का जायजा लिया। बैठक को टिकट आवंटन की प्रक्रिया से जोड़कर बताया जा रहा है। 

बूथ स्तर की संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। एक बार फिर भाजपा प्रदेश नेतृत्व की प्रदेश से बाहर नंगल में बैठक हुई। प्रदेश के सभी जिला अध्यक्षों से प्रदेश अध्यक्ष ने प्रचार गतिविधियों, सीटों पर मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट ली। 
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बागावती सुरों को लेकर आकलन किया गया। जिलाध्यक्षों से लोकसभा चुनाव में लगभग 54 प्रतिशत वोट के लक्ष्य को दोबारा हासिल करने के लिए चल रहे कार्यक्रमों का ब्योरा मांगा गया है। रणनीति के तहत सोशल मीडिया, हर वर्ग और समुदाय को अलग सूचीबद्ध करना है। 

वोटरों को समझाने और रिझाने के लिए कार्यकर्ताओं का चयन किया जाएगा। इससे इतर भी पार्टी के हर विधानसभा हलके में बाहरी राज्यों से आए कार्यकर्ताओं को प्रभारी के तौर पर लगाया गया है, जिन्हें प्रदेश संगठन पदाधिकारियों के साथ मिलकर चुनाव गतिविधियों को तेज करना है।

यह है रणनीति

-हर बूथ पर सोशल मीडिया ग्रुप बनाना और विधानसभा ग्रुप से जोड़ना
-नए मतदाताओं से संपर्क कर उनके अभिनंदन कार्यक्रम
-वोटर लिस्ट में समर्थक, विरोधी और न्यूट्रल का चिह्नीकरण
-युवा, महिला, अनुसूचित मोर्चों व पूर्व सैनिक प्रमुख का गठन करना
-बूथ स्तर पर दीवार लेखन एवं हर कार्यकर्ता के घर पर झंडा
-फ्लोटिंग वोट बैंक से संपर्क और फर्जी वोटों को कटवाना
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केंद्र के प्रोजेक्ट्स को जमीन देना प्रदेश सरकार का दायित्व : धूमल

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और अन्य कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी तर्कहीन और तथ्यहीन होने के साथ कई बार हास्यास्पद भी बन जाती है।

उनका यह कहना कि एम्स हिमाचल का हक था तो क्या उसके निर्माण को जमीन देना सरकार का दायित्व नहीं था? केंद्र की परियोजनाएं जब मिलती हैं तो उनके लिए भूमि उपलब्ध करवाने का दायित्व प्रदेश सरकार का होता है।

धूमल ने कहा कि 2008 में जब कांगड़ा में केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार ने निफ्ट (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नालॉजी) देने का प्रस्ताव रखा तो तत्कालीन भाजपा सरकार ने न केवल भूमि और भवन उपलब्ध करवाया, बल्कि अन्य भवन निर्माण को यूपीए सरकार की शर्तों के मुताबिक 58 करोड़ भी दिए थे। 

इसी प्रकार से ईएसआई मेडिकल कॉलेज नेरचौक, आईआईटी कमांद और फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट खनियारा के लिए ऐसे कई केंद्रीय प्रोजेक्टस के लिए भाजपा सरकार ने भूमि उपलब्ध करवाई और उनका निर्माण करवाया।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं से कहा कि 2003 से 2013 तक विशेष औद्योगिक पैकेज का दर्जा तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने दिया था।  उसे कम से कम 2013 तक चालू रखना हिमाचल का हक था, लेकिन यूपीए सरकार ने उसे छीना तो केंद्र में हिमाचल से दो कैबिनेट मंत्री वीरभद्र सिंह और आनंद शर्मा थे।

तब क्या उन्हें हिमाचल के हक का ज्ञान नहीं था? तब इस हक के लिए उन्होंने क्या लड़ाई लड़ी थी? प्रदेश का विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा भी केंद्र की कांग्रेस सरकार ने छीन लिया था।
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