मेरिट का लाभ लेने के लिए ये मानक जरूरी
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ओन मेरिट का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी का सामान्य श्रेणी के समान मानकों पर चयनित होना जरूरी होगा। यदि किसी अभ्यर्थी ने आयु सीमा, अनुभव, न्यूनतम अंकों, परीक्षा में अतिरिक्त अवसर या चयन प्रक्रिया में दी गई किसी अन्य विशेष रियायत का लाभ लिया है तो उसे ओन मेरिट अभ्यर्थी नहीं माना जाएगा। अधिसूचना में सुप्रीम कोर्ट के राजेश कुमार डारिया बनाम राजस्थान लोक सेवा आयोग और सौरभ यादव बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामलों का उल्लेख किया है। इन मामलों में सामान्य मेरिट में चयनित आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षित कोटे में गिने जाने के संबंध में महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत सामने आए थे।
भर्ती नियमों में स्पष्ट रूप से शामिल किया
हिमाचल सरकार ने अब भर्ती नियमों में इसी व्यवस्था को स्पष्ट रूप से शामिल किया है। कार्मिक विभाग ने अधिसूचना सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों और उपायुक्तों के अलावा विश्वविद्यालयों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों को भेजी है। संबंधित विभागों और भर्ती एजेंसियों को भविष्य की चयन प्रक्रियाओं में संशोधित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए पहले से है व्यवस्था
एससी, एसटी और ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए यह व्यवस्था पहले से लागू है। इन वर्गों का कोई अभ्यर्थी यदि बिना किसी विशेष छूट का लाभ लिए सामान्य मेरिट के आधार पर चयनित होता है तो उसे आरक्षित सीट के बजाय अनारक्षित सीट पर समायोजित किया जाता है।