उधर, नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर शनिवार हजारों कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे आवाज बुलंद करेंगे। राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर और महासचिव भरत शर्मा ने बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे डीसी कार्यालय धर्मशाला के बाहर एनपीएस कर्मचारी एकत्रित होना शुरू हो जाएंगे। इनमें 12 जिलों से लगभग 20 हजार कर्मचारियों के शामिल होने की संभावना है। अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने बताया कि दस बजे डीसी कार्यालय से पैदल पेंशन अधिकार रैली दाड़ी मेला ग्राउंड के लिए निकलेगी। कांगड़ा से राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ वैद्य ने बताया कि इसकी अनुमति प्रशासन से ले ली गई है।
प्रदीप ने कहा कि जेसीसी बैठक में जिस तरह से न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ को नजरंदाज किया गया और पुरानी पेंशन बहाली की ओर कोई सकारात्मक कदम सरकार की ओर से नहीं उठाया गया, उससे हिमाचल के 1 लाख 20 हजार कर्मचारी नाराज हैं। कहा कि पेंशन कर्मचारी का एक बुनियादी हक है। इसे 2003 से कर्मचारियों से छीन लिया गया। बड़ा दुख है कि विधायक तो 80 हजार की पेंशन के हकदार हैं, लेकिन बिना पेंशन रिटायर कर्मचारियों का जीना मुहाल है। सरकार ने अगर कर्मचारियों को नजरंदाज करने की कोशिश की तो कर्मचारियों के आक्रोश को रोकना बहुत मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने सरकार को चेताया कि इस मुद्दे पर तत्काल निर्णय लिया जाए, वरना विधानसभा का घेराव किया जाएगा।