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विधानसभा शीत सत्र: हिमाचल में बहाल नहीं होगी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन

Fri, 10 Dec 2021 09:36 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में पुरानी पेंशन बहाली करना संभव नहीं है।शुक्रवार को धर्मशाला के तपोवन में हरोली के कांग्रेस विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, नयनादेवी के कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर, नादौन के कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सुक्खू और किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने इस संबंध में लिखित प्रश्न किया। सदन के पटल पर रखे प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इसका लिखित उत्तर दिया। 
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग सभी राज्यों के कर्मचारियों पर लागू है। इसलिए वर्तमान में पुरानी पेंशन बहाली करना संभव नहीं है। पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर एकमुश्त अनुमानित व्यय लगभग 2000 करोड़ रुपये होगा। प्रति वर्ष आवर्ती व्यय लगभग पांच सौ करोड़ होने का अनुमान है। पिछले तीन साल में विभिन्न विभागों में 23,931 नियुक्तियां की गई हैं। ये 80 विभागों अथवा विभिन्न उपक्रमों में की गई हैं। 

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शुक्रवार को धर्मशाला के तपोवन में हरोली के कांग्रेस विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, नयनादेवी के कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर, नादौन के कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सुक्खू और किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने इस संबंध में लिखित प्रश्न किया। सदन के पटल पर रखे प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इसका लिखित उत्तर दिया। कांग्रेस विधायकों ने प्रश्न किया था कि क्या सरकार पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने का विचार रखती है। ऐसा है तो ऐसा कब तक किया जा रहा है। यह भी पूछा कि अगर सरकार पुरानी पेंशन व्यवस्था का समाधान करती है तो इस पर कितना खर्च आएगा। तीन साल में विभिन्न विभागों में की गई नियुक्तियों का भी ब्योरा मांगा। 

धर्मशाला में सेवाएं दे रहे कर्मियों को नहीं मिलेगा राजधानी भत्ता : जयराम 

 मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि धर्मशाला में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को राजधानी भत्ता नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह जानकारी धर्मशाला के भाजपा विधायक विशाल नैहरिया के लिखित सवाल के जवाब में सदन के पटल पर दी। नैहरिया ने पूछा था कि क्या मुख्यमंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि सरकार धर्मशाला में सेवाएं दे रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को राजधानी भत्ता देने का विचार रखती है। अगर हां तो कब तक? इसके जवाब में सीएम ने स्पष्ट किया कि यह भत्ता नहीं दिया जा सकेगा। 

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तपोवन में सवर्णों के बाद गरजेंगे एनपीएस कर्मचारी

उधर, नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर शनिवार हजारों कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे आवाज बुलंद करेंगे। राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर और महासचिव भरत शर्मा ने बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे डीसी कार्यालय धर्मशाला के बाहर एनपीएस कर्मचारी एकत्रित होना शुरू हो जाएंगे। इनमें 12 जिलों से लगभग 20 हजार कर्मचारियों के शामिल होने की संभावना है। अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने बताया कि दस बजे डीसी कार्यालय से पैदल पेंशन अधिकार रैली दाड़ी मेला ग्राउंड के लिए निकलेगी। कांगड़ा से राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ वैद्य ने बताया कि इसकी अनुमति प्रशासन से ले ली गई है।

प्रदीप ने कहा कि जेसीसी बैठक में जिस तरह से न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ को नजरंदाज किया गया और पुरानी पेंशन बहाली की ओर कोई सकारात्मक कदम सरकार की ओर से नहीं उठाया गया, उससे हिमाचल के 1 लाख 20 हजार कर्मचारी नाराज हैं। कहा कि पेंशन कर्मचारी का एक बुनियादी हक है। इसे 2003 से कर्मचारियों से छीन लिया गया। बड़ा दुख है कि विधायक तो 80 हजार की पेंशन के हकदार हैं, लेकिन बिना पेंशन रिटायर कर्मचारियों का जीना मुहाल है। सरकार ने अगर कर्मचारियों को नजरंदाज करने की कोशिश की तो कर्मचारियों के आक्रोश को रोकना बहुत मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने सरकार को चेताया कि इस मुद्दे पर तत्काल निर्णय लिया जाए, वरना विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
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