सत्र के दौरान शुक्रवार की तरह ही सोमवार को भी हंगामा चलता रहेगा या फिर पहले और दूसरे दिन के तरह भारी शोरशराबा होगा, जिस कारण एक बार फिर विधानसभा को स्थगित करना पड़ सकता है।
यह इसलिए महत्वपूर्ण है कि सोमवार को प्रदेश सरकार कई महत्वपूर्ण कागजात पटल पर रखने जा रही है, लेकिन फिलहाल विपक्ष के तेवर नरम पड़ते नजर नहीं आ रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार की ओर से भी विपक्ष को मनाने के लिए कोई पहल नहीं की गई है।
विधानसभा के तय कार्यक्रम के अनुसार प्रश्नकाल के अलावा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सप्ताह की शासकीय कार्यसूची पर अपना बयान देंगे। इसके बाद राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर राजस्व से संबंधित कागजात पटल पर रखेंगे।
उनके बाद वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, सुधीर शर्मा भी अपने महकमों से संबंधित कागजात पटल पर रखेंगे। इतना ही नहीं बल्कि सदन की विभिन्न समितियों की ओर से प्रतिवेदन सदन में रखा जाएगा। साथ ही लोकायुक्त और टीसीपी विधेयक को भी पटल पर रखा जाएगा।
मानने को तैयार नहीं विपक्ष
इस सबके बावजूद विपक्ष किसी भी सूरत में नरम पड़ने को तैयार नहीं है। विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा हुआ है। ऐसे में संभावना बेहद कम है कि सदन सोमवार को शांति पूर्वक चल पाए।
विपक्ष के नेता व पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल का कहना है कि विधानसभा सदन में सोमवार को भाजपा का क्या रुख रहेगा। यह पहले से ही स्पष्ट है। हालांकि, 12 बजे विधान मंडल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।