वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता विपिन सिंह परमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय होली समारोह सुजानपुर में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की उपस्थिति से उन्हें आपत्ति नहीं है, पर जिस प्रकार से उन्होंने वहां अपना वक्तव्य रखा वह एक विधानसभा अध्यक्ष पद की गरिमा के खिलाफ है। जिस प्रकार से उन्होंने बातचीत करते हुए एक कांग्रेस के प्रवक्ता की भूमिका निभाई है, उससे विधानसभा अध्यक्ष के आसन की धज्जियां उड़ गई हैं। वह चाहते हैं कि कुलदीप सिंह पठानिया विधानसभा अध्यक्ष के रूप में विधानसभा का संचालन ठीक से करें और अगर वह एक प्रवक्ता की भूमिका में रहना चाहते हैं तो हम विधानसभा अध्यक्ष का घेराव उनके कक्ष के बाहर करेंगे, क्योंकि हम इस पद्धति के खिलाफ हैं।
विधानसभा अध्यक्ष को पता होना चाहिए कि यह पद एक राजनीतिक नहीं, बल्कि एक सांविधानिक व्यवस्था है। जिस प्रकार से उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर टिप्पणी की है, वह पूर्ण रूप से दिखाता है कि वह एक राजनीतिक प्रवक्ता की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। एक विधानसभा अध्यक्ष का कार्य पूरे सदन को साथ चलाना होता है, न केवल सत्ता का पक्ष रखना होता है। विधानसभा अध्यक्ष ने जिस प्रकार से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बारे में कहा है कि पिछले दो महीने में उन्होंने प्रदेश में अनेक नई योजनाएं चला दी हैं और भाजपा के 10 विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं। यह विधानसभा अध्यक्ष के सांविधानिक पद को ठेस पहुंचाता है। कुलदीप पठानिया अभी नए-नए विधानसभा अध्यक्ष बने हैं और लगता है कि वह विधानसभा के नियमों से परिचित नहीं हैं।