प्रश्नकाल के दौरान मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी के अनुपूरक सवाल पूछने पर सदन में खूब हंगामा हुआ। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि नियम अनुसार सीपीएस को सवाल पूछने की मंजूरी नहीं है। यह व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने इस पर विधानसभा अध्यक्ष से व्यवस्था देने की मांग की। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पलटवार करते हुए कहा कि सीपीएस का पद संवैधानिक नहीं है। यह सृजित पद हैं।
सीपीएस की नियुक्ति पूर्व कांग्रेस सरकार की ओर से इसी सदन में पास एक्ट के तहत की गई है। इसी एक्ट में सीपीएस को भी फाइल देखने, साइन करने और अपना विचार रखने का अधिकार है, लेकिन निर्णय लेने की शक्तियां सीपीएस को नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह चीफ व्हिप और व्हिप की नियुक्ति कानून के तहत की गई है, ठीक उसी तरह सीपीएस की नियुक्ति भी एक्ट के तहत की गई है। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि यह महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में वह नियमों को देखने के बाद ही इस पर अपनी व्यवस्था देंगे।
दाड़लाघाट सीमेंट उद्योग से कर्मी निकालने की होगी जांच
- मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि दाड़लाघाट सीमेंट उद्योग से कर्मी निकालने के मामले की जांच की जाएगी। उद्योग मंत्री स्वयं इस मामले को देखेंगे। उन्होंने कहा कि यह भी पता लगाया जाएगा कि कहीं कुछ समय पहले हुई हड़ताल के लिए कर्मियों को बलि का बकरा तो नहीं बनाया जा रहा। मुख्यमंत्री ने अदाणी समूह से इस बाबत बात करने के लिए नेता विपक्ष जयराम ठाकुर का सहयोग भी मांगा। इससे पूर्व मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने कहा कि जब से अदाणी समूह ने काम संभाला है, उसके बाद से करीब 200 कर्मी निकाल दिए गए हैं। उद्योग लगाने को भूमि देने वालों के ट्रक भी हटा दिए हैं। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सूचना मिली है कि प्रदेश के सीमेंट उद्योगों से कर्मियों को अन्य राज्यों के उद्योगों में शिफ्ट किया जा रहा है।
80 फीसदी हिमाचलियों को रोजगार नहीं देने वाले उद्योगों की रोकेंगे रियायतें
चौहान- विधायक केएल ठाकुर और इंद्र दत्त लखनपाल के सवाल का जवाब देते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि 80 फीसदी हिमाचलियों को रोजगार नहीं देने वाले उद्योगों की रियायतें रोकी जाएंगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी उद्योगों में तय नियमों के अनुसार हिमाचल के युवाओं को पर्याप्त रोजगार मिले।