हिमाचल प्रदेश के तपोवन विधानसभा भवन में 19 से 23 दिसंबर तक होने वाले शीतकालीन सत्र की सुरक्षा के लिए गठित बोर्ड ऑफ ऑफिसर्स ने शनिवार को विधानसभा परिसर का निरीक्षण किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस बार तपोवन विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था चार से पांच लेयर में होगी। साथ ही दर्शक दीर्घा में बैठने वाले तमाम अधिकारियों-कर्मचारियों, मीडिया कर्मियों व अन्य लोगों की जानकारी पुलिस के पास रहेगी। इसके अलावा परिसर में मंत्रियों के कमरों तक फरियाद लेकर पहुंचने वालों के पहचान पत्र भी पुलिस जवानों की ओर से जांचे जाएंगे।
सुरक्षा प्रबंधों को लेकर शनिवार को आईजी इंटेलिजेंस संतोष पटियाल, डीआईजी अभिषेक दुल्लर, एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री और एसपी सिक्योरिटी भूपेंद्र नेगी सहित अन्य अधिकारियों ने बैठक भी की। दिल्ली संसद में चल रहे सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में चूक सामने आई थी। इस तरह की कोई चूक तपोवन में होने वाले शीत सत्र के दौरान सामने न आए, इसके लिए बोर्ड ऑफ आफिसर्स की कमेटी गठित की गई है। वहीं विधानसभा सत्र के दौरान धर्मशाला शहर से लेकर विस परिसर तक करीब 1,000 पुलिस जवान सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। विस ड्यूटी के लिए प्रदेश की विभिन्न बटालियनों से जवान 17 दिसंबर को धर्मशाला पहुंच जाएंगे। उधर, एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि इस बार सदन में उन्हीं लोगों को प्रवेश मिलेगा, जिनकी सूची पुलिस के पास होगी। सुरक्षा के लिहाज से सभी प्रबंध किए गए हैं।