हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त 2555 एसएमसी और 1341 आईटी शिक्षकों के लिए नीति बनाने का सरकार का अभी कोई विचार नहीं है। शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने विधायक विनय कुमार के सवाल पर बताया कि एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने का अभी कोई विचार नहीं है। कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने नियमित करने के कोई आदेश नहीं दिए हैं। 14 अगस्त 2020 को हाईकोर्ट ने इन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का फैसला दिया था। इसके खिलाफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी।
24 नवंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने एसएलपी स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को निरस्त किया। सरकार ने 2021-22 के लिए शिक्षकों को सेवाविस्तार दिया है। नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री इन शिक्षकों को नियमित करना चाहते थे। ऐसे में सरकार को शनिवार को बजट पास होने से पहले इन शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करते हुए नीति बनाने की घोषणा करनी चाहिए। विधायक विनय कुमार ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र रेणुका जी में 84 स्कूल सिंगल टीचर के सहारे चल रहे हैं। ये सभी शिक्षक भी एसएमसी पर नियुक्त हैं। उधर, विधायक विक्रमादित्य सिंह के सवाल के लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि आईटी शिक्षकों के लिए नीति बनाने का अभी कोई विचार नहीं है।