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Himachal Assembly Session: चिट्टे पर तपा विधानसभा सदन, सत्ता पक्ष और विपक्ष में नोकझोंक

Wed, 19 Mar 2025 08:24 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अनुपूरक प्रश्न करते हुए कहा कि यह बहुत चिंता का विषय है। प्रदेश में चिट्टे के कारोबार में 30 फीसदी कमी आने की बात कर रही है तो इसे कैसे तोला गया है।
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हिमाचल विधानसभा शिमला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बजट पर चर्चा के दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उधर के कुछ लोग हिमाचल का नाम बाहरी राज्यों में बदनाम करने में लगे हैं। यह सही नहीं है। इस पर सदन में हंगामा हो गया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एक मंत्री होकर उन्हें ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए, इसके लिए उन्हें सदन में माफी मांगनी होगी।जयराम ने कहा कि हिमाचल में नशे का चलन बढ़ता जा रहा है। चिट्टे की ओवरडोज से युवाओं की मौत हो रही है। लोगों को नशे से बचाना सत्ता पक्ष और विपक्ष की जिम्मेवारी है। मंत्री को बजट पर बोलना चाहिए। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बजट अनुमानित होता है और एक साल का विजन होता है। विपक्ष यदि प्रदेश की बेहतरी के लिए भी सुझाव देता तो अच्छा लगता। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रदेश में भारी नुकसान हुआ लेकिन केंद्र ने मदद नहीं की है। इस मसले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे हिमाचल को कभी रेंगता हुआ तो कभी हिमाचल बर्बाद की बातें कह रहे हैं।

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75 हजार करोड़ का कर्ज विरासत में छोड़कर चली गई पूर्व सरकार : नय्यर
विधायक नीरज नय्यर ने कहा कि पूर्व सरकार वर्तमान सरकार को 75 हजार करोड़ का कर्ज विरासत में छोड़ कर गई। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में उठाए गए कदमों के परिणाम बजट से देखने को मिलने है। सरकार ने ओपीएस की गारंटी को पूरा किया है। खराब वित्तीय स्थिति के बावजूद आपदा के दौरान सरकार ने हर प्रभावित को राहत देने के लिए 4500 करोड़ का पैकेज दिया लेकिन अभी तक केंद्र से कोई राहत मिली है। हिमाचल को उत्तराखंड की तर्ज पर आर्थिक पैकेज मिला चाहिए।

22 साल पुरानी ऑल्टो में आकर खतरे में जिंदगी डाल रहे सुक्खू : सुधीर
विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार जिस सोच से चल रही है, वही आज सबसे बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बजट वाले दिन मुख्यमंत्री ऑल्टो कार में आए। लेकिन जिस वाहन में वे आए, वह 22 वर्ष पुरानी है, ऐसे के खुद को को खतरे में डाल रहे है। यदि कार से इतना ही प्यार है तो उसका एक टॉय बनाकर लॉकेट बनाकर पहनना चाहिए।

वह स्कूल बंद कर दिए, जहां बच्चे पढ़ते थे : वर्मा
विधायक बलबीर वर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सता में आने के बाद उन स्कूलों को बंद किया, जहां बच्चे पढ़ रहे थे, साथ ही उन स्वास्थ्य संस्थानों में ताले लगाए, जहां रोगियों का इलाज हो रहा था। उन्होंने मांग कि की चौपाल पीडब्ल्यूडी डिवीजन को बहाल किया जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 68 विधानसभा में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोलने की बात लेकिन अभी तक उनके विधानसभा में ऐसा संस्थान नहीं खुला। चौपाल में 70 फीसदी डॉक्टर के पद रिक्त चल रहे हैं।

बजट में हर वर्ग का रखा ध्यान : मोहनलाल
विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया हैं। उन्होंने कहा विपक्ष का काम केवल सरकार को कोसना रह गया है। उन्होंने कहा कि चिट्टा सरगनाओं को कड़ी से कड़ी सजा देने का प्रावधान होना चाहिए।

मुख्यमंत्री के जिले में अस्पताल की हालत दयनीय : लखनपाल
विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने कहा कि बजट से अनुसूचित जाति के लोगों को निराशा हाथ लगी है। उन्होंने कहा कि जो मिनी सचिवालय बन रहे है, उसमें बार काउंसिल और विधायक के लिए कमरा बनाए जाने की मांग उठी थी लेकिन ऐसा कोई प्रावधान किया गया है। उन्होंने अपने विधानसभा से जुड़े कई मामलों को उठाया। उन्होंने कहा कि जिला हमीरपुर से मुख्यमंत्री है लेकिन वहां के अस्पतालों की स्थिति ठीक नही। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज हमीरपुर रेफरल अस्पताल बन कर रह गया है।
 

लोक हित बजट : सुरेश
विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि जो बजट मुख्यमंत्री ने पेश किया है, वह लोक हितैषी और आत्मनिर्भर हिमाचल का रास्ता प्रशस्त करने वाला है। उन्होंने कहा कि केंद्र किस तरह का व्यवहार राज्य के साथ कर रहा, उससे सभी परिचित है। हम गाय के संरक्षक है, ये भाषणों में लगे है।
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बजट में ठोस पैरा मीटर नहीं : कटवाल
भाजपा विधायक जीत राम कटवाल ने कहा कि बजट में ऐसा कोई भी प्वाइंट नजर नहीं आ रहा है, जिसका समर्थन किया जा सके। उन्होंने कहा कि बजट में जनकल्याण और विकास के लिए ठोस पैरा मीटर नहीं है। कटवाल ने कहा कि पावर सेक्टर के बजट में 30 फीसदी की कमी की गई है। जिस तरह से सरकार की रफ्तार चल रही है, आने वाले समय में सरकार के पास बोलने को भी कुछ नहीं रह जाएगा। बजट में स्ट्रांग पैरामीटर मिसिंग है। वाटर सेक्टर के बजट में 23 फीसदी का कट लगा है।
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