वहीं, राज्य विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन सदन में विदेशी सेब से कोल्ड स्टोरों में रखे हिमाचली सेब के दाम गिरने का मामला सदन में गरमाया। कांग्रेस विधायक जगत सिंह ने मंगलवार को उद्यान पर कटौती प्रस्ताव लेकर कहा कि विदेशी सेब से हिमाचल के सेब पर विपरीत असर पड़ है। किन्नौर में विश्व बैंक की मदद से चलाए जा रहे प्रोजेक्ट में बागवानी विभाग और नौणी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की सेवाएं ली जाएं। कोल्ड स्टोर में रखे सेब के दाम 700 से 900 रुपए कम मिल रहे हैं। इस पर बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि इटली की कंपनी ने 1.10 लाख खराब सेब के पौधे बदल कर नए पौधे दिए हैं। अब अमेरिका के आयात किए सेब के पौधों के परिणाम अच्छे आ रहे हैं।
किसी बागवान को इन पौधों से संबंधित कोई शिकायत हैं तो सरकार और बागवानी विभाग के पास शिकायत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी सेब से हिमाचल के सेब पर पड़ रहे असर के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीता रमन को दिल्ली में एक पत्र सौंपा है। इस पत्र में हिमाचल के बागवानों की यह समस्या उठाई है। सरकार विपक्ष के सदस्यों के सुझाव पर गौर करेगी, जिसमें कहा गया है कि विशेषज्ञ हिमाचल से रखे जाएं। इस पर भी सरकार गौर करेगी। इससे पहले कटौती प्रस्ताव पर विधायक नंद लाल, रोहित ठाकुर और मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि पंजीकृत नर्सरियों को पौधे बेचे जाएं। रामपुर क्षेत्र में सीए स्टोर और विधायन इकाइयां लगाई जाएं।