प्रश्नकाल के दौरान सवालों के जवाब नहीं मिलने पर कांग्रेस विधायक बिफर गए। नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार सात माह से जानकारी ही एकत्र कर रही है। आरटीआई से जानकारी पहले मिल रही है। विधानसभा में कुछ बताया नहीं जा रहा है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लिखित में बताया गया है कि सूचना एकत्र की जा रही है। मुकेश ने कहा कि आप हमें अपनी बात नहीं कहने देते। क्या हम मुंह में पट्टी बांधकर आएं। गुरुवार को भी अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने का मौका नहीं दिया गया। मुकेश ने सवाल पूछा था कि तीन वर्षों में किन-किन विभागों, बोर्डों, निगमों, आयोगों को नए वाहन लेने की अनुमति दी गई? इसके लिए कुल कितनी धनराशि व्यय हुई? कौन-कौन से मॉडल के वाहन खरीदे गए? सरकार ने क्या बुलेट प्रूफ गाड़ियां भी खरीदीं?
जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि मुकेश अग्निहोत्री की ओर से बहुत विस्तृत जानकारी मांगी गई है। इसमें छिपाने के लिए कुछ नहीं है। गाड़ियों की खरीद सरकारी कार्यों के लिए की जाती है, निजी प्रयोग के लिए नहीं। सरकार हर कैबिनेट में किसी न किसी विभाग के लिए वाहनों की खरीद करती है। मुकेश ने कहा कि यह सरकार का आखिरी सत्र है, सूचना कब मिलेगी। इसी बीच, विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज अध्यक्ष के आसन के पास जाकर कुछ बात करने लगे। इस पर मुकेश ने कहा कि हर बार अध्यक्ष के पास जाकर उपाध्यक्ष कुछ समझाने लगते हैं, यह व्यवस्था गलत है। कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि जब सवालों के जवाब नहीं देने हैं तो प्रश्नकाल को समाप्त कर देना चाहिए। इसको लेकर दोनों पक्षों में खूब नोकझोंक हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने मामला शांत करते हुए मुकेश से कहा कि हंसराज उपाध्यक्ष हैं। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच तालमेल जरूरी होता है। आप भी तालमेल रखा करें।