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कांग्रेस का पहले विधानसभा अध्यक्ष के दफ्तर के बाहर धरना, फिर सदन से वाकआउट

Tue, 15 Sep 2020 06:56 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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धरने पर बैठे विपक्षी सदस्य - फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा के मानसून सत्र की सातवें दिन मंगलवार को कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष विस अध्यक्ष विपिन परमार के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गया। फिर सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कुछ मंत्रियों की बेनामी संपत्ति के मुद्दे पर सारा काम रोककर नियम-67 में स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा मांगी। सदन में अध्यक्ष ने इस चर्चा पर सरकार की टिप्पणी आने के बाद फैसला लेने की बात कही तो विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया। कांग्रेस विधायकों के इस व्यवहार की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने निंदा की। इसके बाद विपक्ष की गैरहाजिरी में ही प्रश्नकाल शुरू हुआ।

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धरने पर बैठे कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है। मीडिया पर खबरें न छापने को दबाव बनाया जा रहा है। विपक्ष की ओर से दीं चर्चाएं नहीं करवाई जा रही हैं। इसके बाद अध्यक्ष ने विपक्ष के सदस्यों को कार्यालय बुलाया और उनसे बात की। बाहर आने पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने मीडिया को बताया कि सदन में विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है। भीतर हुई चर्चा को सार्वजनिक न करने  के लिए मीडिया पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके बाद 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष नियम-67 के तहत काम रोको प्रस्ताव पर अड़ गया। सारा काम रोककर प्रदेश में कुछ मंत्रियों की बेनामी संपत्ति की खरीद-फरोख्त के मामलों पर चर्चा के लिए अड़ा रहा।

विस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा, इंद्र दत्त लखनपाल, नंदलाल, मोहन लाल ब्राक्टा और जगत सिंह नेगी से नियम-67 के तहत स्थगन प्रस्ताव पर सूचना मिली है, इसमें प्रदेश में बेनामी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के लिए चर्चा मांगी गई है। इसे टिप्पणी के लिए सरकार को भेजा है, जैसे ही जवाब आता है तो चर्चा की जाएगी। इसके बाद अध्यक्ष ने प्रश्नकाल आमंत्रित किया तो कांग्रेस विधायक हंगामा करते हुए वाकआउट कर गए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ये लोग हिमाचल की जनता का नुकसान कर रहे हैं।
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जनता का पैसा खर्च कर सवाल जुटाए गए हैं, यह इन्हें नहीं लगने दे रहे हैं। बेनामी संपत्तियों के मामले में इनके पास कोई तथ्य नहीं हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रश्नकाल चलाने के लिए कई सूचनाएं एकत्र करनी होती हैं। ऐसे में प्रश्नकाल होने चाहिएं।  नियम 67 के तहत इन्होंने नोटिस दिया है, मगर जब अध्यक्ष ने व्यवस्था दे दी कि सरकार की टिप्पणी मांगी गई है। इसमें वक्त लगेगा। विधानसभा अध्यक्ष के कमरे के बाहर पहली बार कोई भी विपक्ष धरने पर बैठा। इनको लगा कि खबर बनानी है। अध्यक्ष के खिलाफ इन्होंने सही टिप्पणियां नहीं की हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर विधायक ने घेर ली अपनी ही सरकार

जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां से भाजपा विधायक अरुण कुमार ने मंगलवार को स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर अपनी ही सरकार को घेर लिया। नियम 62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाकर अरुण कुमार ने कांगड़ा स्थित फोर्टिस अस्पताल पर जानकारी छिपाने और टांडा अस्पताल में सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं बंद होने का मामला उठाया। जवाब में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राजीव सैजल ने कहा कि यह बात सही है कि जिला कांगड़ा में फोर्टिस अस्पताल में 28 कर्मचारी कोविड 19 से संक्रमित पाए गए हैं।

यह अस्पताल प्रतिदिन आंकडे़ शेयर कर रहा है। सदस्य की प्रोटोकॉल की चिंता सही है। सरकारी और निजी अस्पतालों को इसकी पालना करनी होगी। सदस्य की जो आशंका है कि बातें छिपाई जा रही हैं, इनकी यह आशंका निराधार है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला कांगड़ा में अब तक 53 हजार टेस्ट करवाए जा चुके हैं। अस्पताल की ओर से रोज आंकड़ों को जिला प्रशासन से साझा करवाया जा रहा है। टांडा में सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विधायक के सुझावों पर अमल किया जाएगा। 
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धारा 118 के 87 मामले लंबित

 राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की जगह जवाब देते हुए शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में भू अधिनियम की धारा 118 के 87 मामले सरकार के पास लंबित हैं। 122 मामले अधूरी जानकारी के चलते संबंधित उपायुक्तों को भेजे गए हैं। भाजपा विधायक रमेश धवाला और अरुण कुमार के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि एक जनवरी 2018 के बाद 31 अगस्त 2020 तक धारा 118 के तहत अलग-अलग कार्यों के लिए 417 अनुमतियां दी गई हैं। ईज आफ डूइंग बिजनेस के लिए भू अधिनियम की धारा में कोई बदलाव नहीं किया है। नियमों में बदलाव हुआ है, एक्ट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। प्रक्रिया को सरल किया गया है।

जल्द शुरू होगा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण : सैजल
स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने बताया कि हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज के निर्माण का कार्य दिल्ली की एक कंपनी को अवार्ड कर दिया गया है। इसका निर्माण केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाना है। जल्द ही इसका कार्य शुरू होगा। विधायक नरेंद्र ठाकुर के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने यह जानकारी दी।
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