जयराम ने पूछा- बदले की भावना से बंद संस्थान क्यों नहीं खोले
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि जिन संस्थानों को बदले की भावना से बंद किया गया, क्या उन्हें दोबारा खोला गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर कांग्रेस सरकार के पिछले पांच वर्षों में लिए गए फैसलों की समीक्षा करेगी। जयराम ने यह भी कहा कि जनगणना पूरी होने तक संस्थानों को लेकर घोषणाएं नहीं की जा सकती हैं।
पेपर लीक के बाद चयन बोर्ड बंद करने का दिया हवाला
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि संस्थान बंद करने के फैसले नीतिगत होते हैं, व्यक्तिगत नहीं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं के कारण अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड को बंद किया गया था। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से कहा कि संस्थान खोलने से पहले भाजपा सरकार को पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करनी चाहिए थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान खोलना राज्य का विषय है और सरकार की घोषणाएं नियमों के अनुसार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना पूरी होने के बाद आवश्यकता के अनुसार संस्थानों को अधिसूचित किया जाएगा।