मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि गुजरात की खिसकती जमीन देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घुटन हो रही है, इससे वे परेशान हैं। वहां का गुस्सा मोदी हिमाचल में आकर निकाल रहे हैं। देवभूमि हिमाचल को मोदी दीमक कह रहे हैं, यह अशोभनीय भाषा है।
वीरभद्र रविवार को सुजानपुर में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र राणा की जनसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कोई हिमाचल के मान सम्मान को ठेस पहुंचाए, यह बर्दास्त नहीं होगा। अगर मोदी को कोई परेशानी है तो वह मानसरोवर जाएं और वहां पर अपना गुस्सा शांत करें।
इसके अलावा व्यायाम करें ताकि मन की शांति मिल सके। मोदी प्रदेश में आकर इस तरह का बर्ताव कर रहे हैं जैसे हिमाचल कोई बाहर का राज्य हो। गुजरात की तरह ही वे भी संविधान के अनुसार चुने हुए मुख्यमंत्री हैं। लेकिन चुनावों में मोदी की भाषा बदलती जा रही है।
वह हिमाचल में डंडा लेकर हर दूसरे और तीसरे दिन जलसे कर रहे हैं। हिमाचल में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। अगर सच में भ्रष्टाचार दिख रहा तो सीबीआई समेत कई जांच एजेंसियां उनके अधीन हैं, जांच करवा सकते हैं। ऐसा नहीं कर सकते तो मुझे बताओ, हम भ्रष्टाचार करने वालों को पकड़ कर देते हैं।
मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया
इससे पहले उन्होंने हमीरपुर विस के ताल और बड़सर विस के बिझड़ी में दो जनसभाएं कीं। बिझड़ी में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हिमाचल से ऐसे व्यवहार किया जा रहा है कि जैसे मेरी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी हो।
केंद्र सरकार से पूछा कि गुजरात और हिमाचल में एक साथ चुनाव क्यों नहीं करवाए? प्रधानमंत्री मोदी को जब पता चला कि गुजरात में जीएसटी और नोटबंदी का विरोध हो रहा है, तो वहां के चुनाव को हिमाचल से एक महीने बाद शिफ्ट कर दिया गया।
उन्होंने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि रोज कोई न कोई प्लान तैयार कर मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है, जैसा कि युद्ध की स्थिति में बमबारी की जाती है। उसी तरह हम पर भी गोले बरसाये जा रहे हैं।
वाजपेयी समझदार, मोदी पता नहीं कहां से आए
वीरभद्र ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे काफी समझदार व्यक्तित्व के मालिक हैं। परंतु ये मोदी पता नहीं कहां से आ गया, वे पहाड़ी राज्य हिमाचल के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।
ऐसी भी क्या आन पड़ी कि खुद प्रधानमंत्री को छोटे से राज्य हिमाचल जिसमें 68 विधानसभा सीटें हैं, 10-10 रैलियां करनी पड़ रही हैं। इससे पता चलता है कि विरोधी कितने बौखलाए हुए हैं। कांग्रेस की आंधी के आगे हिमाचल में भाजपा नही टिक पाएगी। हम प्रधानमंत्री के पद की गरिमा को सेल्यूट करते हैं न कि व्यक्ति को।