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साख बचाने के लिए डेढ़ दर्जन सीटों पर स्टार वार, चुनावी जंग हुई तेज

Tue, 31 Oct 2017 01:00 PM IST
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल के चुनावी महासमर में उतरे सियासी योद्धाओं के बीच चुनावी जंग अब तेज होने लगी है। चुनावी हवाओं में एक सवाल तैर रहा है कि सत्ता की कमान किस करवट बैठेगी? सबसे अधिक नजर उन हॉट सीटों के सियासी तापमान पर है, जहां दोनों ओर की साख दांव पर है। 
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यूं तो 68 विधानसभाओं पर मुकाबला कांटे का है, लेकिन लगभग बीस सीटों पर बगावत और स्थानीय समीकरण वहां की सियासत को गर्मा रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस इन सीटों पर अपना-अपना सियासी गुणा-भाग कर रही हैं। 

भाजपा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित पूरी केंद्रीय नेताओं की टीम माहौल को गर्मा रही है। उधर, कांग्रेस में दिल्ली-पंजाब से चेहरे सियासी गर्माहट बढ़ाने आ रहे हैं, लेकिन ‘बहुमुखी’ भाजपा को असल चुनौती मुख्यमंत्री वीरभद्र से मिल रही है। 
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मुख्यमंत्री के चेहरे के बिना उतरी भाजपा में कई नए चेहरों की एंट्री ने पार्टी पॉलिटिक्स गर्मा दी है। नए चेहरों पर पार्टी के दांव से बगावत और अब उठ रहे सवालों को स्टार प्रचार से विराम देने की तैयारी है। बगावत वाली 6 सीटों फतेहपुर, पालमपुर, चंबा, जसवां-परागपुर, भरमौर और श्री रेणुका जी में पार्टी अपनों से घिर गई है।

ये नेता खड़ी करेंगे मुश्किलेें

यहां बागियों को 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित करने के बाद मामला और रोचक हो गया है। सोची-समझी रणनीति के तहत प्रधानमंत्री मोदी की सात रैलियों के लिए क्षेत्र तय किए गए हैं। कांगड़ा में हॉट सीट फतेहपुर से पीएम शुरुआत कर रहे हैं, जहां भाजपा तीन तरफ से घिरी है। बलदेव ठाकुर पार्टी के बागी हैं,

जबकि राजन सुशांत पुराने भाजपाई हैं। इसी तरह पालमपुर में नए चेहरे इंदु गोस्वामी के लिए पीएम आ रहे हैं। यहां भी पार्टी प्रवीण शर्मा की बगावत झेल रही है। नाहन विधानसभा क्षेत्र में रैली रेणुका जी सीट पर बगावत को देखकर तय हुई है। ऊना में प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती का प्रचार मोदी करेंगे।

शाह डलहौजी सीट पर जनसभा कर चुके हैं, वहां कांग्रेस की आशा कुमारी के खिलाफ नया चेहरा डीएस ठाकुर को उतारा गया है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी पहले दौर का प्रचार कर चुके हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अर्की की हॉट सीट के अलावा कैबिनेट मंत्री मुकेश अग्निहोत्री की हरोली और बगावत वाली जसवां-

परागपुर विधानसभा में उनकी जनसभाएं हुई हैं। शिमला जिले में भाजपा के ठियोग, शिमला और शिमला ग्रामीण में कांटे की टक्कर है। यहां मोदी-शाह नहीं आ रहे, लेकिन दूसरे केंद्रीय नेताओं को जिम्मा सौंपा है। शाह कांग्रेस से भाजपा में आए अनिल शर्मा के लिए मंडी जाएंगे। इस तरह भाजपा ने हर क्षेत्र में केंद्रीय नेताओं के प्रचार को लेकर मोर्चाबंदी कर दी है।
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कांग्रेस में वीरभद्र प्रचार की धुरी

कांटे के मुकाबले वाली सीटों पर कांग्रेस के प्रचार की धुरी वीरभद्र सिंह हैं। उनकी खुद की सीट अर्की और बेटे विक्रमादित्य की शिमला ग्रामीण में सियासी पारा हर नए दिन के साथ चढ़ रहा है, लेकिन अभी तक सीएम की प्राथमिकता पूरे प्रदेश में प्रचार की दिख रही है।

कांटे की टक्कर वाली सीटों पर सोनिया और राहुल के कार्यक्रम तय नहीं हुए। सोनिया के आने की संभावना न के बराबर है, जबकि राहुल की कुछ रैलियां होनी हैं। कांग्रेस के मंत्रियों धर्मशाला से सुधीर, नगरोटा से जीएस बाली, फतेहपुर से सुजान सिंह पठानिया, हरोली से मुकेश अग्निहोत्री, भरमौर से ठाकुर सिंह भरमौरी, द्रंग से कौल सिंह, बल्ह से प्रकाश चौधरी की सीटों पर भाजपा के स्टार प्रचारक मोर्चा खोल रहे हैं।

मोदी, शाह और योगी के अलावा अन्य केंद्रीय मंत्रियों की इन सात सीटों पर जनसभाएं हैं। कांग्रेस की ओर से अभी नवजोत सिंह सिद्धू, आनंद शर्मा, रंजीत रंजन जैसे बड़े चेहरे पहुंचे हैं, जबकि पंजाब के सीएम कैप्टन अमरेंद्र सिंह, केंद्रीय नेता गुलाम नबी, ज्योतिरादित्य आदि आने शेष हैं।

भाजपा के स्टार प्रचार का जवाब पार्टी कैसे देती है, इसको लेकर कांग्रेस की रणनीति पर नजर रहेगी। इसके अलावा पार्टी में सात सीटों पर बगावत है। इनमें से अधिकांश वीरभद्र के करीबी बताए जा रहे प्रत्याशियों के खिलाफ है। राजधानी शिमला कांग्रेस के बागी हरीश जनारथा के उतरने से सियासी पारा चढ़ा है। यही हाल कैबिनेट मंत्री कौल सिंह की सीट द्रंग और नालागढ़ में है।
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