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सतपाल सत्ती का कांग्रेस पर वारः बोले- 45 हजार किसानों ने छोड़ा कृषि कार्य

Fri, 27 Oct 2017 08:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने वीरभद्र सिंह की सरकार को किसान व बागवान विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि बीते पांच साल में सरकार ने करोड़ों रुपये बंदरों की नसबंदी पर खर्च कर दिए लेकिन हिमाचल में बंदरों की संख्या कम नहीं हुई। 
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वीरभद्र सरकार बंदरों की समस्या का समाधान करने में पूरी तरह से विफल रही है। स्थिति यह है कि प्रदेश में 45 हजार परिवारों ने कृषि व बागवानी का कार्य छोड़ना पड़ा है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा है कि कांग्रेस सरकार बीते छह महीने से बंदरों को पकड़ने का कार्य बाहरी राज्य की एजेंसी को दिया है। 

उन्हें एक बंदर के पकड़ने का 700 रुपये रेट निर्धारित किया है। एजेंसी को बंदर पकड़ने के बाद नसबंदी केंद्र में रखना होगा। सतपाल सत्ती ने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रदेश में तो बंदर पकड़ने पर भी घोटाला हुआ है। 
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मंडी शहर के लोग बंदरों के उत्पात से दो मंजिला भवन से गिरी लड़की का मामला नहीं भूले हैं। इसके अलावा अनेकों उदाहरण हैं जहां बंदरों ने बच्चों और महिलाओं को घायल न किया हो।
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183 करोड़ को खर्च नहीं कर पाई सरकारः धूमल

उधर, नेता विपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा है कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को धर्मशाला और शिमला दो स्मार्ट सिटी दी है, लेकिन कांग्रेस सरकार धर्मशाला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए आवंटित 183 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए योजना नहीं बना पाई है। 

धूमल ने कहा है कि 23 जून शिमला को स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया। इसके कायाकल्प के लिए 2906 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की गई, लेकिन विभागों की लापरवाही और समय पर काम नहीं हो रहा है। 

उन्होंने कहा कि शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा कहते हैं कि काम होने में समय लगता है। धूमल ने कहा कि वीरभद्र सिंह की सरकार का यही विकास है जिसका गुणगान करने के लिए उतराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को हिमाचल आना पड़ा।
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