फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ज्योतिषियों की सलाहः इस तिथि के बाद नामांकन भरना उम्मीदवार के लिए होगा अशुभ

Sun, 15 Oct 2017 12:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्योतिषियों की सलाह है कि हिमाचल विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की घोषणा सभी राजनीतिक दलों को जल्दी कर लेनी चाहिए और समय रहते नामांकन भर लेने चाहिए। 
विज्ञापन


जाने-माने ज्योतिषी भगतराम शास्त्री ने कहा कि जब ये सच्चाई है कि अधिकांश उम्मीदवार मुहूर्त देखकर ही नामांकन भरते हैं तो ऐसे में सभी पार्टियों को प्रत्याशियों की ज्योतिषीय आस्था का ध्यान रखते हुए 20 अक्तूबर से पहले उन्हें नामांकन भर लेने का मौका देना चाहिए।  

भगत राम शास्त्री ने कहा कि नामांकन भरने में यूं तो 16 अक्तूबर को भी दोष कोई नहीं है। मुहूर्त तो कोई नहीं है। न तो पंचक है और न ही भद्रा है। जिनका चंद्रमा ठीक हो, वे नामांकन भर सकते हैं। नोमिनेशन के लिए ठीक है। 17 को धनतेरस है। त्रयोदशी तिथि है।
विज्ञापन

ये दिन नामांकन के लिए वर्जित

ये दिन भी ठीक है। 18 अक्तूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग है। ये दिन भी शुभ है। 20 को शुक्ल पक्ष शुरू हो रहा है। प्रतिपदा शुरू हो रही है। ये गोवर्द्धन पूजा का दिन है। इस दिन भी पर्व है। पर्वों को स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना जाता है। 

इसलिए इन दोनों पर्वों पर भरे जाएं तो सफलता की संभावना रहती है। 21 को भद्रा तिथि पर शनिवार का होना वर्जित है। ये वर्जित मानी जाती है। 22 अक्तूबर के बाद चंद्रमा क्षीण है। 

ये वृश्चिक राशि में है। 23 तारीख को भी चंद्रमा के वृश्चिक राशि में होने से निर्बल होने से ये दिन सबके लिए शुभ नहीं हैं। इन दिनों चंद्रपक्ष बल रहित होने से नींच का चंद्र वर्जित है।

कांग्रेस-भाजपा अभी तैयार नहीं कर पाईं घोषणा पत्र 

राजनीतिक दल कई माह से मतदाताओं से वोट मांग रहे हैं, लेकिन किसी भी दल ने घोषणा पत्र जारी नहीं किया। पांच साल के लिए बनने वाली सरकार अपने विकास मॉडल को जनता के बीच नहीं ला पाई है। भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर वोट बैंक साधने में लगी हैं।

चुनाव घोषणा पत्र की अहमियत प्रचार के शोर में कम हो गई है। भाजपा ने तो घोषणा पत्र का नाम और स्वरूप बदलकर उसे विजन डाक्यूमेंट बना दिया है। कांग्रेस में घोषणा की परंपरा बची है, लेकिन प्राथमिकता उसकी भी नहीं है।

भाजपा की विजन डाक्यूमेंट समिति दो माह से काम कर रही है, लेकिन कांग्रेस की घोषणा पत्र समिति आचार संहिता लागू होेने के बाद आई है। चुनाव में प्रत्याशियों के नामांकन भरने की प्रक्रिया शुरू होने के लिए एक दिन बचा है।   नामांकन भरते ही प्रत्याशी मतदाता के द्वार वोट मांगने पहुंचेंगे। ऐसा पहली बार है कि नामांकन शुरू होने को है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने अभी तक अपने घोषणा पत्र जारी नहीं किए। 
विज्ञापन

विजन डाक्यूमेंट का प्रारूप तैयार

घोषणा पत्र ऐसा दस्तावेज है, जिसमें किए गए एलानों को पूरा करने की नैतिक बाध्यता सरकार पर रहती है। पार्टी के विकास के मॉडल में कौन से सेक्टर उसकी प्राथमिकता के हैं, ये घोषणा पत्र से ही पता चलता है।

इस बार भाजपा ने घोषणा पत्र की जगह विजन डाक्यूमेंट लाने की प्रक्रिया दो माह पहले शुरू कर दी थी, लेकिन अभी दस्तावेज जारी नहीं हुआ है। पार्टी के मुताबिक विजन डाक्यूमेंट का प्रारूप तैयार हो चुका है। प्रकाशन की प्रक्रिया चल रही है, जिसके बाद उसे जारी किया जाएगा।

पार्टी ने प्रदेश के विकास का अगले 15 से 20 साल का मॉडल अपने डाक्यूमेंट में देने का दावा भी किया है। इसके लिए हर सेक्टर के विशेषज्ञ, बुद्धिजीवी वर्ग को उपसमितियों में शामिल किया गया है। आम लोगों से ऑनलाइन सुझाव लेकर उनकी प्रतिक्रिया और सुझावों को भी शामिल किया गया है।

कांग्रेस में बीते कई माह से चल रही सरकार-संगठन की खींचतान में घोषणा पत्र का मुद्दा गौण हो गया है। अब हाईकमान ने खेमेबाजी पर विराम लगाकर घोषणा पत्र समिति का गठन किया है। ठाकुर कौल सिंह की अध्यक्षता में बनी समिति सोमवार तक बैठक कर सकती है। आनन-फानन में पार्टी पर घोषणा पत्र जारी करने का दबाव रहेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें