विधानसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों के लिए चुनाव खर्च की सीमा तय कर दी है। चुनावों में व्यय पर निगरानी रखने के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत ने राज्य के राजनीतिक दलों के साथ बैठक की।
उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन पत्र भरने से कम से कम एक दिन पहले चुनाव व्यय के लिए अलग बैंक खाता खोलना होगा। यह खाता चुनाव एजेंट के साथ संयुक्त रूप से भी खोला जा सकता है।
उम्मीदवार को 20 हजार रुपये से अधिक के व्यय के लिए खाता धारक चैक जारी करने होंगे। प्रत्येक विधानसभा में कुल 28 लाख रुपये से अधिक का व्यय नहीं होना चाहिए। इस व्यय में जनसभाएं, रैलियां, पोस्टर, बैनर वाहन तथा प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जारी होने वाले विज्ञापन शामिल है।
अतिरिक्त जन रैली का पूरा व्यय उम्मीदवार के खाते में शामिल होगा
राजपूत ने कहा कि उम्मीदवार या उसके प्रतिनिधि को जनसभाओं तथा रैलियों के संबंध में व्यय योजना को प्रार्थना पत्र के साथ स्वीकृति के लिए जमा करना होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यदि उम्मीदवार या उसका एजेंट स्टार प्रचारक के साथ मंच सांझा करता है या स्टार प्रचारक उम्मीदवार का नाम
लेता है या जन रैली के स्थान पर उम्मीदवार का चित्र प्रदर्शित किया जाता है तो स्टार प्रचारक के प्रवास व्यय के अतिरिक्त जन रैली का पूरा व्यय उम्मीदवार के खाते में शामिल होगा। राजपूत ने कहा कि चुनावों के दौरान प्रयोग किए जाने वाले वाहन के संबंध में निर्वाचन अधिकारी से स्वीकृति प्राप्त करनी होगी तथा वाहन के आगे प्रदर्शित भी करनी होगी।
बिना स्वीकृति वाहन का प्रयोग पड़ेगा महंगा
यदि बिना स्वीकृति के चुनाव अभियान के लिए किसी वाहन का प्रयोग किया गया तो निर्वाचन अधिकारी इस पर कार्रवाई करेंगे। यदि सुरक्षा के लिए सरकारी एजेंसियों द्वारा बैरीकेड व रोस्ट्रम का निर्माण किया जाता है तो यह व्यय बैठक के स्थान से सम्बन्धित विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार के खाते में शामिल होगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक दल को चुनाव व्यय के लिए रजिस्टर बनाना होगा। उम्मीदवार को चुनाव अभियान के दौरान इस रजिस्टर को व्यय.पर्यवेक्षक के समक्ष जांच के लिए कम से कम तीन बार जमा करना होगा। बैठक में कांग्रेस, भाजपा, सीपीआई तथा सीपीएम के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।