फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी में चुनाव जिताने वाली इस एजेंसी को अब BJP ने हिमाचल में सौंपी कमान, देखिए पोस्टर-होर्डिंग वार

Wed, 27 Sep 2017 02:02 PM IST
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा ने अपनी प्रचार तकनीक को और आक्रामक बना दिया है। पार्टी पोस्टर, बैनर और होर्डिंग से मतदाताओं की नब्ज टटोल रही है। दिल्ली में पार्टी के थिंक टैंक ने प्रचार माध्यम के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी हायर की है। ये एजेंसी खुद ही आंकड़े और तथ्य जुटाती है। 
विज्ञापन


केवल पोस्टर, बैनर और होर्डिंग के लिए एजेंसी का एक सेल अलग से काम करता है। यूपी और उत्तराखंड में भी इस एजेंसी के पब्लिसिटी माड्यूल को पार्टी की कामयाबी का बड़ा आधार माना गया था। उसी माड्यूल पर एजेंसी हिमाचल में प्रचार अभियान को खड़ा करने में जुट गई है।

इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत ये है कि पोस्टर पर आम आदमी का चेहरा मतदाता से अपील करता दिखेगा। प्रचार की कड़ी में हिसाब मांगे हिमाचल सबसे नया प्रयोग है। इसी के तहत एक निर्णय आपको करना है के माध्यम से कांग्रेस सरकार पर हमला बोला जा रहा है। 
विज्ञापन


उधर, भाजपा के पोस्टर-प्रचार वार का अभी तक कांग्रेस कोई तोड़ नहीं निकाल पाई है। कांग्रेस अपनी अंदरुनी खींचतान में इस कद्र उलझी है कि पोस्टरों में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के फोटो का साइज ही मुद्दा बन गया। दूसरी तरफ भाजपा ने ‘निर्णय आपको करना है’ की पंच लाइन से पूरे प्रदेश को पोस्टर और हो‌र्डिंग से भर दिया है।

रिसर्च आधारित है प्रचार अभियान

भाजपा का प्रचार अभियान पूरी तरह से रिसर्च आधारित है। केंद्रीय नेतृत्व ने जिस एजेंसी को इसका जिम्मा सौंपा है, उसकी कई टीमें ग्राउंड, मीडिया, सोशल मीडिया और पार्टी फीडबैक से आंकड़े जुटाती हैं। इन आंकड़ों पर कई दिन तक मंथन के बाद एक अभियान का मॉड्यूल डिजाइन किया जाता है।

पहले सोशल मीडिया पर कैंपेन का सॉफ्ट ट्रायल लिया जाता है। वहां से मिलने वाले फीडबैक के बाद अभियान को फील्ड में उतारा जाता है। प्रदेश संगठन का काम केवल एजेंसी से समन्वय करने भर का है। प्रचार सामग्री से लेकर किस तरह से अभियान लांच करना है ये केंद्रीय नेतृत्व एजेंसी के सहयोग से करता है।

मोदी रैली से की शुरुआत
भाजपा ने शिमला रिज मैदान में मोदी रैली से पहले ‘केंद्र सरकार हमारी, अब हिमाचल की बारी’ नारे से होर्डिंग वार शुरू की। दिल्ली की एजेंसी ने प्रचार रथों से अपने अभियान की शुरुआत की। पहला बड़ा प्रचार हमला हिसाब मांगे हिमाचल अभियान है, जिसके साथ

होर्डिंग में भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, युवा, महिला सुरक्षा आदि मुद्दे पर सवाल उठाते पोस्टर एक निर्णय आपको करना है के नारे के साथ शुरू किए गए हैं। केंद्रीय नेताओं की प्रेस कान्फ्रेंस के मुद्दे तक रिसर्च टीम तय करती है, जिसे स्थानीय लीडरशिप के फीडबैक के बाद तैयार किया जाता है।

भ्रष्टाचार पर रहेगा फोकस

भाजपा के पोस्टर वार में भ्रष्टाचार को सबसे बड़ा मुद्दा बनाकर पेश किया जा रहा है। पार्टी की प्रचार टीम ने प्रदेश से जुटाए फीडबैक के बाद सीएम और भ्रष्टाचार को सबसे बड़ा मुद्दा माना है। खनन, आबकारी, अवैध कब्जे इसी का हिस्सा रखे गए हैं।

इसके बाद महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था, युवा और रोजगार पर भी फोकस रहेगा। इसके समानांतर एक अभियान मोदी सरकार को लेकर चलेगा। पीएम मोदी को आगे रखकर पोस्टर और होर्डिंग तैयार हो रहे हैं। केंद्र की नीतियों का गुणगान किया जा रहा है।

पोस्टर से उठाए सवालों के कांग्रेस के पास नहीं जवाब
भाजपा के प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय ने कहा कि भाजपा चरणबद्ध तरीके से अपना प्रचार अभियान आगे बढ़ा रही है। पार्टी ने मतदाता से सीधे जुड़ने के लिए उनकी समस्याओं को होर्डिंग पोस्टर के माध्यम से उठाकर सवाल खड़ा किया है।

आने वाले दिनों में चुनावी अभियान और तेज होगा। प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार, माफियाराज, विकास विरोधी चेहरे को बेनकाब करेंगे। कांग्रेस के पास भाजपा के आरोपों का कोई जवाब नहीं है।  

केवल मोदी चेहरा
प्रचार अभियान से भाजपा का चेहरा केवल पीएम नरेंद्र मोदी रहेंगे। उनके साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का फोटो रहेगा। प्रदेश के केवल चार चेहरों केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, शांता कुमार और प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती प्रचार सामग्री पर दिखेंगे। सांसदों के चेहरे को उनके संसदीय क्षेत्रों में लगने वाले ‌होर्डिंग पोस्टर तक सीमित रखा जाना है।

700 होर्डिंग लग चुके हैं प्रदेश में

भाजपा ने हिसाब मांगे हिमाचल अभियान के तहत पहले चरण में लगभग 700 होर्डिंग प्रदेश में लगा दिए हैं। सूत्रों के अनुसार प्रत्याशी सूची जारी होने तक पार्टी हर बूथ पर न्यूनतम एक होर्डिंग का लक्ष्य लेकर चल रही है। लगभग दस हजार होर्डिंग अभियान में इस्तेमाल होने की संभावना है। इसमें हिसाब मांगे हिमाचल अभियान के अलावा नए मुद्दे भी शामिल होंगे।

नामांकन दाखिल होने के बाद स्टार प्रचार अभियान के लिए अलग से होर्डिंग और पोस्टर प्रकाशित होंगे। ऐसे होर्डिंग अगर भारी संख्या में बनाए जाएं तो एक होर्डिंग की अनुमानित लागत आठ सौ रुपये हो सकती है। होर्डिंग और पोस्टर पर लगभग अस्सी लाख रुपये से अधिक का खर्च पार्टी करेगी। होर्डिंग के लिए जगह का चयन दिल्ली स्थिति एजेंसी ही करती है।

हिसाब मांगे हिमाचल के पोस्टर में उठाए मुद्दे
- हिमाचल सरकार या घोटालों की दुकान ?
- सरकार करे कांड, माफिया राज करे राज क्यों?
- बहनें बेइज्जत बच्चे गायब क्यों?
- 10 लाख शिक्षित युवा घर बैठे हैं क्यों?
- सेब की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया या मजाक किया?
- जानलेवा सड़कें बदहाल जनता क्यों?
विज्ञापन

भाजपा कर रही अपना महिमामंडन, कांग्रेस का जमीनी स्तर पर प्रचार

होर्डिंग और पोस्टरों से प्रचार में भाजपा के मुकाबले में पिछड़ रही कांग्रेस इसे अपनी रणनीति का हिस्सा बता रही है। पार्टी डोर टू डोर प्रचार को लेकर आगे बढ़ रही है। कांग्रेस नेतृत्व ने भाजपा पोस्टर और होर्डिंग को महिमामंडन का पैंतरा करार दिया, जिसके झांसे में मतदाता आने वाले नहीं है।

पार्टी के अनुसार आने वाले समय में कांग्रेस अपने प्रचार को तेज करेगी। पोस्टर और होर्डिंग भी उसी का हिस्सा रहेंगे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा बेशक पोस्टर और होर्डिंग लगाकर खुद का महिमामंडन कर रही है, मगर लोगों को सच्चाई पता है। कांग्रेस के कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर प्रचार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि गांव से गांव तक और हर व्यक्ति से संपर्क करने का कार्यक्रम चला हुआ है। कांग्रेस की पथयात्रा तो चल ही रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की योजना है। इसमें व्हाट्सऐप ग्रुप, फेसबुक कनेक्टिविटी के अलावा हर घर-द्वार कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने का कार्यक्रम है।

अब समय बदल गया है। होर्डिंग और पोस्टर पुरानी तकनीक ही माने जाते हैं। अब तो व्यक्ति से व्यक्ति और इलेक्ट्रानिक माध्यमों से ही प्रचार की जरूरत है। ऐसा नहीं है कि कांग्रेस पोस्टर और होर्डिंग नहीं लगा रही है। आने वाले समय में इन सबको भी लगाया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें