सदर विधानसभा सीट में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की प्रतिष्ठा दांव पर है। इस विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने नए चेहरे के रूप में सुभाष ठाकुर को चुनाव मैदान में उतारा गया है। इन्हें जेपी नड्डा का करीबी माना जा रहा है।
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नड्डा का गृह क्षेत्र होने के नाते लोग इसे चुनाव से भी जोड़ कर देख रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी बंबर ठाकुर वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव में बिलासपुर जिले में सबसे ज्यादा मार्जिन से जीते। इस बार शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र में इनकी अच्छी पकड़ मानी जा रही है।
हालांकि सदर में दोनों ठाकुरों के लिए राहें आसान नहीं हैं। क्योंकि बंबर ठाकुर की जीत सुनिश्चित करने के लिए जिन्होंने उनका साथ पिछले विस चुनावों में दिया था, वह अब भाजपा के साथ हैं। बंबर के भाई भी भाजपा के लिए कार्य कर रहे हैं।
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वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी की राह भी आसान नहीं हैं, क्योंकि कई इलाकों के लिए उनका चेहरा बिल्कुल नया है। उन्हें इस बार शून्य से अपना प्रचार शुरू करना पड़ रहा है।
अमर उजाला की टीम ने रविवार को दिन भर सदर विधानसभा क्षेत्र के नौणी, जबली, लखनपुर, धौलरा मंदिर, बिलासपुर बस अड्डा, मुख्य बाजार, रौड़ा सेक्टर में मतदाताओं को टटोला।
भाखड़ा विस्थापित, हाइड्रो इंजीनियरिंग कालेज का मुद्दा हावी
समय - सुबह 8 बजे। स्थान - जबली। आसपास की दुकानें भाजपा और कांग्रेस के झंडों और लड़ियों से ढंकी हुई हैं। धुंध के आगोश में पूरे बाजार में चुनावी बेला पर भी सन्नाटा पसरा है।
ढाबे में पांच लोग बैठे चाय की चुस्की लेते हुए इस तरह कहते नजर आए - इस बारी सुभाष और बंबरा बीच कंडे री टकर ई... इस बारी त 19-21 रा मुकाबला चलू रा..., इस बारी जो भी जितणा हुणा वो हजार - बारह सौ बोंटा त उपर नहीं जितणा...।
इतने में भाजपा का प्रचार वाहन मौके से गुजरा और लोगों से वोट की अपील की। ढाबे में बैठे एक बुजुर्ग बोले - लोका नो सोणे दिओ हुण....। सबरे 7 बजे शुरू हो जांदे।
यहां भाखड़ा विस्थापित और हाइड्रो इंजीनियरिंग कालेज का मुद्दा हावी है। इस सीट से कांग्रेस और भाजपा दोनों के विधायक जीत कर विधानसभा पहुंचे हैं। लेकिन लोगों के जख्म अभी तक भरे नहीं है।
कौल डैम में नौकरी कर रहे बिलासपुर के लोगों को हटाने का मामला प्रत्याशियों को याद दिलाया जा रहा है। इंजीनियरिंग कालेज भले ही बिलासपुर को मिला हो लेकिन इसकी कक्षाएं अभी भी नगरोटा में चलाई जा रही हैं।
विस से लेकर संसद तक बड़े ओहदे पर रहे है नुमाइंदे
बिलासपुर जिले से दो मंत्री, एक डिप्टी स्पीकर और एक केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। ठाकुर रामलाल पूर्व में वन मंत्री, जेपी नड्डा वन और स्वास्थ्य मंत्री और रिखी राम कौंडल डिप्टी स्पीकर और अब इसी जिले से जेपी नड्डा केंद्र में स्वास्थ्य मंत्री है। मंत्रियों के होने पर भी लोगों की समस्याएं खत्म नहीं हुईं, इसका मलाल लोगों की बातों में झलकता है।
रूप लाल बोले, जो मर्जी जीते, इन्हा परनी अपनी जेबां ही
लक्ष्मीनारायण मंदिर के बाहर पूजा की सामग्री बेच रहे रूप लाल कहते हैं कि दोनों एक जैसे हैं। जो मर्जी जीते, इन्हा परनी अपनी जेबां ही। बादा च कोई किसदो नहीं पुछदा...।
नमस्ते तक नहीं सुनते यह नेता
सदर बाजार में कमलेश कुमारी, रीता और प्रोमिला का कहना है कि बंबर ठाकुर नमस्ते तक नहीं सुनते, सुभाष भी आसमान ही देखते हैं। तीनों युवतियों का कहना था कि भाजपा और कांग्रेस से दिल भर गया है। अब तो वोट देने का दिल ही नहीं करता।
सदर के वोट नयनादेवी में मांग रहीं प्रचार टीमें
बिलासपुर से 18 किलोमीटर दूर जुखाला ऐसी जगह है जो दो भागों में बंटा है। फॉरेस्ट आफिस से ऊपर नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र तो नीचे जुखाला की ओर सदर विधानसभा क्षेत्र की सीमा है। प्रचार करने वाली टीमें नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र में भी बंबर और सुभाष के लिए वोट मांगती नजर आती हैं। जब इस बारे में वाहन मालिक से पूछा गया तो उन्होंने कहा - किलोमीटर पूरे करने है, पापी पेट का सवाल है, बाद में यह पकड़ में नहीं आते।
बिलासपुर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाना था। गोविंदसागर झील पैराग्लाइडिंग साइट, पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार, शहर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट न होना, पार्किंग की समस्या, शौचालय के अभाव की समस्याएं भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी को परेशान कर रही हैं।
कुल मतदाता - 70,458
पुरुष - 35,886
महिलाएं - 34572
यह रहा था वर्ष 2012 का चुनाव परिणाम
बंबर (कांग्रेस) - 24,347
सुरेश चंदेल (भाजपा) - 19206
जीत का मार्जिन 5141