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रिपोर्ट कार्ड: मंत्रीजी ने कहा- 5 साल में बहुत कुछ किया, विरोधी बोले- न पानी मिला न पार्किंग

Thu, 05 Oct 2017 08:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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पांच सालों में ग्रामीण एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने कितने वायदे पूरे किए और कितने अधूरे रहे पढ़िए ‌पूरा रिपोर्ट कार्ड।
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विधायक रिपोर्ट कार्ड
01-  विधानसभा क्षेत्र - सदर मंडी 
02 - विधायक का नाम- अनिल शर्मा 
03 - टॉप फाइव वायदे     
01- शहर में 24 घंटे पानी की आपूर्ति 
02- पार्किंग की समस्या का समाधान 
03- बढ़ रही ट्रैफिक  समस्या को हल करने के लिए विक्टोरिया ब्रिज के समानांतर नया ब्रिज और शहर में फुटपाथ
04- सांस्कृतिक राजधानी मंडी के सौंदर्यीकरण और पुरातन भवनों का  जीर्णोद्धार
05- कोटली को तहसील का दर्जा, बस स्टैंड, कॉलेज, पुलिस चौकी, आईटीआई 

कितने पूरे 
कोटली को तहसील का दर्जा मिल चुका है। बस स्टैंड, कालेज, पुलिस चौकी, आईटीआई का वायदा भी पूरा हो चुका है। शहर में बस स्टैंड के दूसरे फेज का कार्य पूरा हो गया है। जबकि अन्य वायदों के तहत कार्य अंतिम चरण में हैं। पार्किंग को छोड़कर सभी कार्य शुरू हो चुके हैं। अधिकांश अंतिम चरण पर हैं। 

कितने अधूरे 
मंडी शहर में 24 घंटे जलापूर्ति के मकसद से 84 करोड़ की लागत से उहल पेयजल योजना का कार्य अंतिम चरण में है। सारा बजट जारी हो चुका है। टैंकों का निर्माण शेष है। 2017 के अंत तक यह योजना शुरू  होगी। पीपीपी मोड पर जेल रोड पर 450 कारों की पार्किंग का प्रोजेक्ट मंजूर हो चुका है।
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ट्रैफिक समस्या से निपटने को रिंग रोड का काम शुरू हो रहा है। विक्टोरिया ब्रिज के समानांतर नए ब्रिज का निर्माण शुरू हो चुका है। कालेज, डीसी आफिस, आईटीआई के पास सड़का मार्ग को चौड़ा किया गया है। फुटपाथ का कार्य प्रगति पर है। एडीबी से 32 करोड़ के कार्य जारी हैं। टाराना मंदिर, ब्वायज स्कूल, विक्टोरिया ब्रिज, चौहटा बाजार, इंद्रा मार्केट के सौंदर्यीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। 

वायदों पर विश्वास नहीं रखते

ग्रामीण एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि वह वायदों पर विश्वास नहीं रखते। जनता की जरूरत के हिसाब से कार्यों को तवज्जो देते हैं। शैक्षणिक संस्थान को बेहतर अधोसरंचना, सड़क, चिकित्सा की बेहतरी पर बल दिया और पंचायत घरों को पक्का करवाया। अन्य विकास कार्य भी चरणबद्ध रूप से अंजाम दिए जा रहे हैं।

विधायक निधि
पांच वर्षों में विधायक निधि का 3.85 करोड़ जारी हुआ, जिसे खर्च किया जा चुका है। वर्ष 2013 और 14 को उन्हें 50-50 लाख जारी हुए। वर्ष 2015 में 75 लाख और 2016 में एक करोड़ और 2017 में 1.10 करोड़ रुपये विधायक निधि के जारी हुए।
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बातें ही कीं, काम नहीं

वर्ष 2012 में भाजपा के प्रत्याशी रहे डीडी ठाकुर ने कहा कि मंत्री शहर से लेकर गांव तक का विकास करवाने में पूरी तरह से असफल रहे हैं। एडीबी का पैसा बिना शहरवासियों के सुझाव लिए बेढंगे तरीके से खर्च हो रहा है।

शहर में पार्किंग की जगह नहीं है। चौबीस घंटे पानी का वादा हवा हवाई रहा। सड़कों पर चलना मुश्किल है। विधायक और मंत्री अनिल शर्मा के पिछले दोनों कार्यकाल नाकाम साबित हुए हैं। 

3930 मतों से जीते थे
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनावों में मंत्री अनिल शर्मा अपने प्रतिद्वंद्वी डीडी ठाकुर से 3930 मतों से जीते थे। उन्हें 42.92 फीसदी मतदान के साथ 20866 मत  हासिल किए। जबकि उनके विरोधी भाजपा उम्मीदवार को 34.83 फीसदी यानी 16936 वोट मिले।
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