चुनाव के दृष्टिगत कंडाघाट की 92 वर्षीय शौंकू देवी के बंदूक जमा करवाने पर पुलिस ने उसे शांतिदूत पुरस्कार से नवाजा। शौंकू ने अपनी बंदूक को कंडाघाट थाने में जमाकर समाज में एक मिसाल कायम की है।
शौंकू देवी कंडाघाट की बीशा पंचायत की रहने वाली हैं। वृद्ध महिला, नियमों और जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कंडाघाट थाने पहुंची और बंदूक को जमा करवाया।
एसपी मोहित चावला ने कहा कि वृद्ध महिला चुनाव के दृष्टिगत हथियारों को लेकर जिला प्रशासन की ओर से दिए दिशा-निर्देशों का पालन कर एक रोल मॉडल बन गई हैं।