पांच साल का हिसाब-किताब
कर्नल धनी राम शांडिल
सोलन को मिनी सचिवालय मिला पर बायपास का सपना अधूरा
पांच साल में विधायक निधि से करीब दो करोड़ 58 लाख रुपये जारी हुए हैं। इनमें से कंडाघाट ब्लॉक में एक करोड़ 58 लाख 89 हजार 205 जबकि अन्य धनराशि सोलन ब्लॉक में मंजूर हुई है। इनमें से करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने बाकी हैं। इस बजट की योजनाएं अभी कागजों में चल रही हैं।
वायदे कितने पूरे और कितने अधूरे
1. सोलन में मिनी सचिवालय भवन का निर्माण और उद्घाटन कर्नल धनी राम शांडिल के कार्यकाल में हुआ।
2. शामती बाईपास का निर्माण कार्य मंजूर करवाया गया है। हालांकि, निर्माण अभी शुरूआती चरण में ही है।
3. सोलन अस्पताल में बाल और स्त्री रोग विभाग के लिए अलग से भवन का प्रावधान करवाया।
4. शहर की पेयजल समस्या को खत्म करने में नाकाम रहे।
5. नगर निगम का दर्जा दिलवाने में कामयाब नहीं हुए।
6. पार्किंग का निर्माण पूरा नहीं करवा पाए। जाम की समस्या बरकरार।
क्या करेंगे
1. सोलन में बहुशल्य चिकित्सालय का निर्माण
2. शहर में आधुनिक पेयजल योजना का निर्माण
3. प्रेस क्लब के लिए भवन का निर्माण
4. सोलन को नगर निगम के दायरे में लाने के लिए प्रयास।
बहुत कुछ किया और करूंगा
विधायक और मंत्री धनी राम शांडिल का कहना है कि उन्होंने पांच साल के कार्यकाल में सभी कार्यों को पूरा करने की कोशिश की है। काफी हद तक वे कामयाब भी हुए, लेकिन कुछ कार्य अधूरे रह गए हैं।
जिन्हें पूरा करने के लिए उन्हें पांच साल का समय और चाहिए। शामती बाईपास का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया है। पेयजल योजना को लेकर खाका तैयार है। यदि लोग उन्हें दोबारा मौका देते हैं तो वे इन सभी योजनाओं को आगामी पांच साल में पूरा कर सोलन को आदर्श शहर बनाएंगे।
फ्लॉप रहा यह कार्यकाल
भाजपा की प्रत्याशी रही कुमारी शीला का कहना है कि पांच साल तक मंत्री सर्किट हाउस में ही रहे। उन्होंने बाहर निकलकर लोगों की नब्ज टटोलने की कोशिश नहीं की। उनका कार्यकाल सोलन के इतिहास में सबसे फ्लॉप कार्यकाल गिना जाएगा।
जो वायदे उन्होंने लोगों से किए थे उनमें से एक भी पूरा नहीं कर पाए। सोलन के लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे थे लेकिन मंत्री सरकार को इस संबंध में कोई सुझाव नहीं दे सके।
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में कर्नल धनी राम शांडिल ने प्रतिद्वंद्वी भाजपा की कुमारी शीला को 4 हजार 472 मतों से पराजित किया था। धनी राम शांडिल को 24 हजार 250 मत हासिल हुए जो कुल मतदान का 49.97 प्रतिशत था।