फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हर पहाड़ी राज्य को वीरभद्र सिंह जैसे अनुभव की जरूरत : हरीश रावत

Wed, 25 Oct 2017 10:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अगर डॉ. वाईएस परमार हिमाचल के निर्माता थे तो मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह आधुनिक हिमाचल के निर्माता हैं। लंबे समय से पहाड़ी राज्यों को जो विशेष श्रेणी का स्टेट्स मिला, वह छीन लिया गया है। 
विज्ञापन


इसे छीनने का मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केंद्र में भरसक विरोध किया। हर पहाड़ी राज्य को वीरभद्र जैसे अनुभव की जरूरत है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वे भी वीरभद्र की आलोचना करने के लिए शब्द ढूंढते हैं। 

रावत ने मंगलवार को राजीव भवन शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। रावत ने कहा कि योजना आयोग को नीति आयोग में बदलने के मामले पर भी वीरभद्र ने पीएम नरेंद्र मोदी के सामने कहा कि हिमाचल के साथ खिलवाड़ हुआ है। 
विज्ञापन



अगर पहाड़ी राज्यों के पास वीरभद्र सिंह जैसा अनुभवी नेतृत्व रहेगा तो हिमालय की आवाज कमजोर नहीं पडे़गी। ऐसे में लोगों को हिमाचल में सीएम वीरभद्र सिंह के नेतृत्व की कांग्रेस सरकार को रिपीट करने की जरूरत है। 
Trending Videos

भाजपा की नजर में महंगाई झेलने वाला देशभक्‍तःरावत

रावत ने कहा कि अगर केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ कोई सच बोलता है तो उसे दुनिया से ही कूच कर दिया जाता है। मीडिया इसके लिए पहला टारगेट बन रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नजर में जो जितनी महंगाई झेलता है, वह उतना ही बड़ा देशभक्त होता है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी, जीएसटी आदि से देश की अर्थव्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है। हिमाचल और गुजरात दोनों ही राज्यों के लोगों को भाजपा को हराकर कांग्रेस को सत्ता में लाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि चुनाव के समय में कुछ लोग भावना में बाहर भाजपा के साथ जा रहे हैं तो वे गलती कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि वीरभद्र सरकार की कई योजनाओं का उन्होंने उत्तराखंड में मुख्यमंत्री रहते हुए अनुसरण किया। पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नरेश चौहान, प्रवक्ता आईएन मेहता, संजय सिंह चौहान और महेंद्र चौहान भी मौजूद रहे।
विज्ञापन

उत्तराखंड में ईवीएम गड़बड़ी और कथित मैजिक से जीते

रावत ने कहा कि उत्तराखंड के चुनाव में मोदी ने ईवीएम में गड़बड़ी और अपने कथित मैजिक से लोगों को गुमराह करके भाजपा को सत्ता मेें लाया। अब लोग वहां पछता रहे हैं। अब ये दोनों ही चीजें नहीं हैं। इस बार ईवीएम मेें वह खेल नहीं हो पाएगा।

महंगाई और कमजोर होती अर्थव्यवस्था ने मोदी मैजिक को भी खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते उनके खिलाफ तो डेढ़ साल पहले ही हमले शुरू हो गए।

रावत ने कहा कि एक परिवार से कोई दूसरा सदस्य पब्लिक लाइफ में रहता हो तो उसे मौका दिया जाना गलत नहीं है। उत्तराखंड की बात कुछ और थी। पार्टी एक लिविंग ऑर्गन होता है। इसके लिए कोई तय फार्मूला नहीं बनाया जा सकता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें