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विस चुनाव: नेताओं के बेटी-बेटों को टिकट देने पर और उलझ गई कांग्रेस

Sat, 21 Oct 2017 11:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में विधानसभा चुनाव के लिए 59 प्रत्याशियों की सूची घोषित करने के दो दिन बाद भी कांग्रेस शेष नौ सीटों पर टिकट तय नहीं कर पाई है। नामांकन को तीन दिन शेष रहने के बावजूद कांग्रेस बड़े नेताओं के बेटी-बेटों को टिकट देने पर और उलझी है।
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दिल्ली में मैराथन मंथन के बाद भी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह एवं स्पीकर बीबीएल बुटेल के बेटों और मंत्री कौल सिंह की बेटी को टिकट देने पर अंतिम फैसला नहीं हो सका। हालांकि, वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य का शिमला ग्रामीण और विद्या स्टोक्स का ठियोग से टिकट पक्का होने की चर्चा दिन भर होती रही।

कौल सिंह बेटी चंपा ठाकुर ने मंडी सदर और बुटेल के बेटे आशीष बुटेल ने पालमपुर से टिकट मांगा है। कुल्लू, मनाली, नालागढ़, कुटलैहड़ और शाहपुर से भी कांग्रेस अभी प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है। भाजपा के गढ़ रहे इन हलकों में आपसी लड़ाई भी इसमें आड़े आ रही है।
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दिल्ली में मैराथन मंथन के बाद नहीं हो सका फैसला

उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो वीरभद्र की पहले हां फिर ना के बाद ठियोग सीट से अब विद्या स्टोक्स को ही चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी है। शुक्रवार को दिन भर पार्टी आलाकमान ने दिल्ली में बची नौ सीटों पर प्रत्याशी तय करने के लिए लंबा मंथन किया। इन पर अंतिम फैसला अब सोनिया और राहुल गांधी ही लेंगे। नौ में से तीन सीटों पर बड़े नेताओं के बेटे-बेटी टिकट का दावा ठोक रहे हैं।

लेकिन प्रदेश कांग्रेस के एक धड़े ने पार्टी हाईकमान को दलील दी है कि अगर एक ही परिवार के दो-दो लोगों को टिकट दिए गए तो ये भाजपा को बैठे-बैठाए मुद्दा मिल सकता है। शिमला ग्रामीण सीट को वीरभद्र सिंह ने बेटे विक्रमादित्य सिंह के लिए छोड़ा है तो मंडी

सदर से मंत्री अनिल शर्मा के भाजपा में शामिल होने के बाद कौल सिंह ठाकुर यहां से अपनी बेटी के लिए टिकट मांग रहे हैं। पालमपुर सीट से स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल और उनके बेटे आशीष बुटेल में से किसी एक के नाम पर फैसला होना है। बुटेल अपनी सीट बेटे आशीष बुटेल के लिए छोड़ना चाह रहे हैं। 
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स्टोक्स फिर लड़ने का तैयार, वीरभद्र से की मुलाकात

ठियोग सीट को मंत्री विद्या स्टोक्स ने सीएम वीरभद्र सिंह के लिए छोड़ दिया था। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी इसी सीट से चुनाव लड़ने का एलान किया था। मगर नई दिल्ली में प्रदेश चुनाव समिति की बैठक के बाद सीएम ने अचानक अर्की सीट से ही चुनाव लड़ने की घोषणा की।

ठियोग से आनंद शर्मा अपने करीबी कुलदीप सिंह राठौर के लिए टिकट चाह रहे हैं तो टीम राहुल के युवा नेता दीपक राठौर का नाम भी चर्चा में है। सूत्रों की मानें तो वीरभद्र और स्टोक्स दोनों ही ठियोग में आनंद शर्मा के हस्तक्षेप के खिलाफ हैं।

इस पर वीरवार को दिवाली पर ही मुख्यमंत्री के निजी निवास हालीलाज जाकर मंत्री विद्या स्टोक्स ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से चर्चा भी की और ठियोग से चुनाव नहीं लड़ने के सीएम के फैसले पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।

इसी बीच सीएम वीरभद्र सिंह ने विद्या स्टोक्स को कहा है कि वे खुद ही ठियोग से चुनाव लड़ें तो ये सीट भी कांग्रेस के खाते में दोबारा आ सकती है। अब स्टोक्स ने भी ठियोग से चुनाव लड़ने का दोबारा मन बना लिया है।
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