विधानसभा चुनाव 2017 के नतीजे सामने आने में यूं तो दो दिन का समय है। लेकिन नई सरकार बनने से पहले ही प्रदेश और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात नौकरशाहों के बीच बेचैनी बढ़ गई है।
सियासी गलियारों में यह चर्चा आम है कि विपक्ष में बैठी भाजपा सत्ता पर काबिज हुई तो मुख्य सचिव और डीजीपी पद पर नए अधिकारियों की भी तैनाती की जाएगी।
इसको लेकर अफसरों ने अभी से प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। मुख्य सचिव, महानिरीक्षक स्तर के आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी दोनों वरिष्ठतम पदों के लिए अपने अपने स्तर से समीकरण बैठाने का प्रयास कर रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो आधा दर्जन आईएएस और आईपीएस अफसर दिल्ली में दरबार विजिट कर अपनी सीट पक्की करने की कवायद कर चुके हैं। इनमें प्रदेश में तैनात अफसरों के अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात चल रहे कई अफसर शामिल हैं।