मतदान के बाद भाजपा और कांग्रेस भले ही पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने का दावा कर रही हों, लेकिन दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व ने दमदार निर्दलीयों को अभी से साधना शुरू कर दिया है।
सूबे में हुए बंपर मतदान ने दोनों दलों के नेताओं को असमंजस में डाल दिया है। सूत्रों की मानें तो इनके आंतरिक सर्वेक्षण में तस्वीर स्पष्ट नहीं होने से विकल्प के तौर पर प्लान- बी भी तैयार किया जा रहा है।
पूर्ण बहुमत न आने या गठजोड़ की सूरत में प्लान बी के तहत निर्दलीयों को पाले में लाने की प्रयास अभी से शुरू हो गए हैं। चूंकि, सूबे की करीब डेढ़ दर्जन सीटों पर दमदार निर्दलीयों ने चुनावी ताल ठोकी थी।
इनमें आधा दर्जन मजबूत स्थिति में दिख रहे हैं। पुख्ता सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस ने एक टीम को विचाराधारा से जुड़े निर्दलीयों को साधने का जिम्मा सौंपा है। भाजपा भी अंदरखाते ऐसे नेताओं के संपर्क में है।
नालागढ़ हलके से बावा हरदीप, शिमला शहर से हरीश जनारथा, शाहपुर से मेजर विजय सिंह मनकोटिया, देहरा से होशियार सिंह, फतेहपुर से राजन सुशांत ने निर्दलीय चुनाव लड़ा है। इनके मैदान में उतरने से इन हलकों में मुकाबला त्रिकोणीय रहा है।
करसोग से मस्तराम और रामपुर से सिंघीराम भी दलीय समीकरणों को बदल सकते हैं। ये भले ही निर्दलीय उतरे हैं, लेकिन अधिकांश का किसी न किसी बड़े दल से सियासी रिश्ता रहा है। उन्हीं रिश्तों को कड़ी बनाकर भाजपा और कांग्रेस इनसे संपर्क में रहने की कोशिश कर रही है।
यहां निर्दलीय उतरे बागी टक्कर में
शाहपुर- भाजपा की सरवीण और कांग्रेस के केवल पठानिया को निर्दलीय मेजर विजय सिंह मनकोटिया की चुनौती।
देहरा- भाजपा विधायक रविंद्र रवि, कांग्रेस की सांसद विप्लव को कांग्रेस पृष्ठभूमि वाले होशियार सिंह से कड़ी चुनौती।
शिमला शहर - कांग्रेस के बागी हरीश जनारथा से भाजपा के सुरेश भारद्वाज, सीपीएम के संजय चौहान और कांग्रेस के हरभजन सिंह भज्जी में कड़ा मुकाबला।
नालागढ़- भाजपा के कृष्ण लाल ठाकुर और कांग्रेस के लखविंदर सिंह को कांग्रेस बागी बावा हरदीप से कड़ी चुनौती
फतेहपुर- मंत्री सुजान सिंह पठानिया और भाजपा के कृपाल परमार को टक्कर दे रहे पूर्व सांसद व निर्दलीय राजन सुशांत। भाजपा बागी बलदेव सिंह भी निर्दलीय हैं।
भाजपा से जुड़े रहे ये प्रत्याशी
भाजपा से जुड़े रहे ये प्रत्याशी
पालमपुर- प्रवीण शर्मा
चंबा- डीके सोनी
श्री रेणुका जी- हृदयराम
हरोली- रविंद्र मान
भरमौर- ललित ठाकुर
कांग्रेस से इनका रहा है नाता
रामपुर - सिंघीराम
द्रंग - पूर्ण चंद ठाकुर
कुल्लू - रेणुका डोगरा
लाहौल - राजेंद्र करपा
ऊना - राजीव गौतम
किस वर्ष कितनी सीटें
वर्ष भाजपा कांग्रेस निर्दलीय अन्य दल
2012 26 36 5 1
2007 23 41 3 1
2003 43 16 6 3
1998 31 31 1 5 (हिविकां)
बूथों की रिपोर्ट पर भाजपा में होगा मंथन
रिकार्ड मतदान को परिवर्तन से जोड़ रही भाजपा अब हर बूथ की रिपोर्ट का संकलन करवा रही है। पार्टी अपने मजबूत बूथ प्रबंधन से जीत-हार के सही आंकड़े के करीब पहुंचना चाहती है। मतदान केंद्रों के बाहर लगे बस्तों से अलग रिपोर्ट जुटाई जा रही है। विधानसभा प्रभारियों को हर बूथ की रिपोर्ट जुटा कर उसे जिलों को भेजनी है, जहां से रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय पहुंचेगी।
सूत्रों के मुताबिक अधिक मतदान वाली विधानसभाओं पर पार्टी का फोकस अधिक है। भाजपा ने 9 नवंबर को मतदान के बाद तुरंत प्रारंभिक रिपोर्ट हर विधानसभा से तैयार करवाई। अब पार्टी बूथ स्तर से विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन सात विधानसभाओं में प्रचार किया, उनकी अलग से रिपोर्ट तैयार हो रही है।
इन रिपोर्टों में मतदान केंद्र पर हुए कुल मतदान के साथ लगे बस्तों पर मतदाताओं के आने से जोड़कर देखा जाएगा। विधानसभा के पार्टी पर्यवेक्षक ही रिपोर्टों का संकलन करेंगे। एक पूरी प्रक्रिया में चार से पांच दिन का समय लगेगा। हर विधानसभा से आने वाली रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय तक पहुंचने के बाद वरिष्ठ नेताओं उस पर मंथन करेंगे।