जिला शिमला के ठियोग विधानसभा क्षेत्र में मंत्री विद्या स्टोक्स के चुनाव मैदान से हटने के बाद मुकाबला दिलचस्प हो गया है। यहां कांग्रेस के लिए नई चुनौतियां सामने हैं। नए समीकरणों से मुकाबला दोतरफा या फिर कहें कि त्रिकोणीय बन गया है।
माकपा, भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी स्टोक्स के चुनाव मैदान से हटने के बाद बदली सियासी हवा का रुख अपने-अपने पक्ष में मोड़ने लगे हैं। माकपा प्रत्याशी राकेश सिंघा को क्षेत्रीय और जातीय वोट बैंक, भाजपा प्रत्याशी राकेश वर्मा को अपने परंपरागत वोट बैंक और कांग्रेस प्रत्याशी दीपक राठौड़ को पार्टी के बड़े काडर वोट बैंक से उम्मीद है।
इन्हीं समीकरणों को लेकर तीनों प्रत्याशी प्रचार भी कर रहे हैं। क्षेत्र में माकपा प्रत्याशी ने भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ठियोग विधानसभा क्षेत्र के तहत मुख्य तौर पर किंगल, नारकंडा, कुमारसेन, कोटगढ़, मतियाना, ठियोग जैसे कस्बाई क्षेत्रों के अलावा करीब 50 ग्राम पंचायतें आती हैं।
इन तमाम जगहों पर क्षेत्रवाद, जातिवाद जैसे फैक्टर भी काफी हावी है। किंगल बाजार में एक किरयाना की दुकान पर दो युवाओं कमल ठाकुर और प्रताप सिंह की एक बुजुर्ग मेहर चंद के साथ चुनावी चर्चा चल रही थी।
बुआ स्टोक्स के वोट बैंक पर भतीजे सिंघा की नजर
अमर उजाला की टीम ने ठियोग विधानसभा क्षेत्र के बारे में पूछा तो बुजुर्ग मेहर चंद बोले - ‘दोए राकेशो मांजो कोई भी जीत सको, कांग्रेसो री काडर गाशे नजर’ (दोनों राकेश में से कोई भी जीत सकता है, लेकिन कांग्रेस का काडर वोट किधर जाएगा, सब कुछ इस पर निर्भर करता है)।
बुजुर्ग की यह बात सुनकर दोनों युवा एकाएक बोल उठे ‘नए मांछक बी मौका देणा चेंईं, ऐ दोने लड़ गोवे अ पलिए बी लेक्शन’ (युवाओं को भी मौका देना चाहिए, ये दोनों प्रत्याशी तो कई बार चुनाव लड़ चुके हैं)।
युवाओं की बात सुनकर बुजुर्ग बोले, ‘राजनीति दे आवणैक चेंई तजुर्बा, थोड़ी बशअ सबर छाड़अ’(राजनीति में आने के लिए तजुर्बे की जरूरत होती है, कुछ साल का तो सब्र रखो)
ठियोग से माकपा प्रत्याशी राकेश सिंघा की कांग्रेस नेता विद्या स्टोक्स रिश्ते में बुआ लगती हैं। बीते कई चुनावों में बुआ स्टोक्स को भतीजे से चुनौती मिलती रही है। इस बार बदले समीकरण से सिंघा की नजर बुआ के वोट बैंक पर टिक गई है। माकपा के स्थानीय कार्यकर्ता स्टोक्स के चुनाव मैदान से हटने पर इस रिश्ते को भुनाना चाह रहे हैं।
तीन बार के विधायक राकेश वर्मा देते रहे हैं चुनौती
विद्या स्टोक्स के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले भाजपा प्रत्याशी राकेश वर्मा तीन बार क्षेत्र से विधायक चुने गए हैं। एक बार भाजपा से और दो बार वे निर्दलीय विधायक बन चुके हैं। पांच चुनाव लड़ चुके हैं।
इनका क्षेत्र में बड़ा जनाधार है। अपने वोट बैंक के बलबूते राकेश वर्मा हर चुनाव में स्टोक्स को कड़ी चुनौती देते आए हैं। अब विद्या स्टोक्स के चुनाव नहीं लड़ने से राकेश वर्मा के समर्थक खासे उत्साहित हैं।
ठियोग में कुल मतदाता : 78267
महिला मतदाता : 38588
पुरुष मतदाता : 39679
2012 की विजेता : विद्या स्टोक्स : 21478
हारे हुए प्रत्याशी : राकेश वर्मा : 17202
मार्जिन : 4276