नशे के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति : सुक्खू
नशे के खिलाफ प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम कर रही है। नशे के व्यापार में शामिल अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए एनडीपीएस अधिनियम 1985 के प्रावधानों को और अधिक सख्त बनाने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया है। अधिनियम की धारा 21 और 22 के तहत मृत्यु दंड और उम्रकैद, जबकि धारा 37 के तहत अपराधों को गैर जमानती बनाने का आग्रह किया गया है। नियम-116 के अंतर्गत सरकार की ओर से की गई कार्रवाई से सदन को अवगत करवाते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह बात कही। कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय और जिलाधीशों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एनसीओआरडी कमेटियां गठित की गई हैं। एडीजीपी, सीआईडी की अध्यक्षता में एएनटीएफ समिति गठित की गई है। यह कमेटियां पड़ोसी राज्यों व प्रदेश सरकार के विभागों में समन्वय बैठाकर नशे के व्यापार पर कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस ने प्रधाव-वाइप ऑउट ड्रग्स अभियान चलाया है और तस्करों की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 1908 शुरू किया है। नशामुक्त हिमाचल मोबाइल ड्रग फ्री एप शुरू किया गया है, उच्च न्यायालय के जज की अध्यक्षता में पीआईटी एनडीपीएस एडवाइजरी बोर्ड गठित किया गया है।