गाहे-बगाहे होशियार और देहरा भाजपा में तनातनी साफ नजर आती रही है। इस कड़वे सच को स्वीकार कर होशियार मंगलवार को पहली बार देहरा भाजपा की बैठक में न सिर्फ शामिल हुए बल्कि उन्होंने कार्यकर्ताओं से माफी मांगकर रिश्तों में मिठास घोलने की कोशिश भी की। इस स्थिति में भाजपा के लिए बगावत और भितरघात के खतरों से इनकार नहीं किया जा सकता। उधर, मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर को चुनावी दंगल में उतारने का दांव खेलकर कांग्रेस देहरा के रण में पकड़ मजबूत होने की आस जगा बैठी थी। लेकिन, उनके लिए भी परेशानी पैदा हो सकती है।
प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष एवं 2022 में पार्टी प्रत्याशी रहे डॉ. राजेश ने बगावती तेवर दिखाए हैं। डॉ. राजेश ने सीएम की पत्नी को टिकट देने का सार्वजनिक मंच पर विरोध कर फिलहाल हर हाल में चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री सुक्खू को निशाने पर लेकर उन पर गंभीर आरोपों की बौछार कर देहरा की प्रतिष्ठित जंग में और रोचकता लाने का काम भी कर दिया है। अब कांग्रेस ही नहीं, स्वयं मुख्यमंत्री सुक्खू के लिए भी डॉ. राजेश के बागवती तेवरों से पार पाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
पार्टी ने सोच-विचार कर ही कमलेश ठाकुर को टिकट दिया है। देहरा में बगावत जैसी कोई बात नहीं। जल्द सब ठीक हो जाएगा। उपचुनाव के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल काफी ऊंचा है। -नरदेव कंवर, चेयरमैन, कामगार कल्याण बोर्ड
पूर्व मंत्री रमेश धवाला पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें लेकर बगावत जैसी कोई बात नहीं है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनके संपर्क में है। जल्द ही गिले-शिकवे दूर हो जाने पर वह उपचुनाव में पार्टी के लिए काम करते दिखेंगे।- संजीव शर्मा, अध्यक्ष, भाजपा संगठनात्मक जिला, देहरा