ससुराल वालों को मुख्यमंत्री से थी बहुत उम्मीद : बिक्रम
जसवां परागपुर से विधायक बिक्रम सिंह ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री का ससुराल है और लोगों को बड़ी उम्मीद थी, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनके विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य संस्थानों की हालत खस्ता है। स्वास्थ्य संस्थानों में डाॅक्टरों के अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के भी पद खाली पड़े हैं। स्वास्थ्य मंत्री को यहां के स्वास्थ्य संस्थानों का जायजा लेना चाहिए। बिक्रम सिंह ने प्रदेश सरकार पर कांगड़ा जिला की स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांगड़ा की अनदेखी करने से कांग्रेस सरकार के अच्छे दिन नहीं आएंगे।
विनोद, हंसराज के नमो हैट्रिक पर हुड विस अध्यक्ष ने जताई आपत्ति
भाजपा के विधायक विनोद कुमार और डॉ. हंसराज सोमवार को विधानसभा सदन में नमो हैट्रिक लिखा हुड पहनकर आए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने नियम 299 के उपनियम 14 का हवाला देते हुए आपत्ति जताई। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नियमों के अनुसार सदन में इस प्रकार के कपड़े नहीं पहने जाते। उन्होंने कहा कि कपड़ों में विशेष प्रकार के बैज भी नहीं लगाने चाहिए। इस पर विधायक डॉ. हंसराज ने कहा कि भगवा रंग के कपड़ों पर क्यों आपत्ति जताई जा रही है।
अतिक्रमण की सूचना दें विधायक, जांच कर करेंगे कार्रवाई : नेगी
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी कहा कि अतिक्रमण की अगर कोई विशेष सूचना है तो उन्हें दी जाए। वह इस पर जांच शुरू कर कार्रवाई करेंगे। नेगी ने यह जानकारी मंगलवार को विधायक देवेंद्र कुमार भुट्टो और विनोद सुल्तानपुरी के प्रश्न के उत्तर में दी। राजस्व मंत्री ने प्रश्नकाल में कहा कि यह सत्य है कि प्रदेश में कई स्थानों पर ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लोगों ने महत्वपूर्ण रास्तों पर अवैध रूप से कब्जा किया है। इससे कई लोगों को मार्ग का अधिकार नहीं मिल रहा है। भू-राजस्व अधिनियम में अवैध कब्जों को हटाने के प्रावधान पहले से ही मौजूद हैं। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में भी कई क्षेत्रों के कुछ लोगों ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किए हैं। इन पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। नेगी ने कहा कि जहां तक सड़क किनाराें पर अवैध कब्जों का मामला है तो इन्हें लोक निर्माण विभाग को हटाना होता है। विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने अनुपूरक प्रश्न किया कि बहुत सारे मकान शामलात जमीन में बने हैं। इन्हें बिजली के कनेक्शन भी मिले हैं। इनके कौन कस्टोडियन हैं, क्या छानबीन करेंगे। इस पर मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि अगर कोई विशेष सूचना है तो इसे दिया जाए। इस पर वह कार्रवाई करेंगे।
श्री बज्रेश्वरी देवी सहित 4 मंदिरों में न्यास का गठन नहीं
जिला कांगड़ा के श्री ज्वालाजी मंदिर, श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर, श्री चामुंडा मंदिर, श्री रामगोपाल मंदिर, शिव मंदिर बैजनाथ, शिव मंदिर महाकाल, भागसूनाग मंदिर धर्मशाला, दुर्वेश्वर महादेव मंदिर धर्मशाला, नरसिंह देव मंदिर नगरोटा सूरियां और कालीनाथ कालेश्वर मंदिर रक्कड़ में गैरसरकारी सदस्य मनोनीत किए जाते हैं। श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर, श्री चामुंडा मंदिर, श्री रामगोपाल मंदिर और श्री नरसिंह देव मंदिर सरकार की ओर से अधिग्रहित हैं। इन मंदिरों में न्यास गठित नहीं किए गए हैं। न्यास गठन के मामले सरकार के विचाराधीन हैं। ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती के प्रश्न के लिखित उत्तर में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने यह जानकारी सदन के पटल पर रखी।