निजी बैंकों में हिमाचल ग्रामीण विकास विभाग के 220.19 करोड़ और उच्च शिक्षा विभाग के 153.61 करोड़ रुपये यानी सबसे ज्यादा पैसे जमा हैं। इनके अलावा निगमों-बोर्डों में भूतपूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड का सर्वाधिक जमा है। हिमाचल प्रदेश में निजी बैंकों में विभागों और निगमों-बोर्डों के 1484.65 करोड़ रुपये जमा हैं। विभागों के इन बैंकों में 814.70 करोड़ और निगमों-बोर्डों के 669.95 करोड़ जमा किए गए हैं। प्रश्नकाल में यह जानकारी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दी है।
कृषि विभाग के 54.69, पशुपालन विभाग के 7.45 करोड़, आयुर्वेद विभाग के 47.75 करोड़, निर्वाचन विभाग के 1.83 करोड़, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के 31.92 करोड़, ऊर्जा विभाग के 57 लाख, मत्स्य विभाग के 10.11 करोड़, खाद्य आपूर्ति विभाग के 11.50 करोड़, वन विभाग के 6.39 करोड़, स्वास्थ्य विभाग के 15.08 करोड़, उच्च शिक्षा विभाग के 153.61 करोड़, उद्यान विभाग के 24.82 करोड़, ग्रामीण विकास विभाग के 220.19 करोड़ जमा हैं। निगमों-बोर्डों में हिमाचल प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड के 212.48 करोड़, अधोसंरचना विकास बोर्ड के 122.34 करोड़, राज्य प्रदूषण बोर्ड के 23.62 करोड़, कृषि विपणन बोर्ड के 80.98 करोड़ और नगर निगम शिमला के 33.32 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम ने अब तक प्रदेश में अल्पसंख्यक समुदायों के 2763 लाभार्थियों को 54.90 करोड़ रुपये के टर्म और शिक्षा ऋण वितरित किए हैं। निगम ने 1645 विशेष रूप से सक्षम लोगों को 41.13 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए हैं। इस प्रकार, निगम के गठन से लेकर प्रदेश के 4408 लाभार्थियों को 96.03 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए हैं। मंत्री सरवीण चौधरी ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त और विकास निगम निदेशक मंडल की 45वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी।
उन्होंने अधिकारियों से प्रदेश के अल्पसंख्यक वर्गों जैसे मुसलमान, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई और सिखों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गई योजनाओं के सफल कार्यान्वयन की दिशा में हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम के लक्ष्य को पूरा करते हुए 128 लाभार्थियों को 601.15 लाख रुपये के ऋण वितरित किए गए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय गुप्ता, निदेशक कृतिका कुलहरी, विशेष सचिव वित्त राकेश कंवर, कंपनी सचिव कंवल अरोड़ा, प्रबंधक सीएल शर्मा मौजूद रहे।