फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जय चौधरी ने दीयों की रोशनी के सहारे की शुरुआती पढ़ाई, अब दुनिया के अरबपतियों की सूची में 577वां स्थान

Wed, 03 Mar 2021 07:27 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, ऊना
विज्ञापन
अरबपति जय चौधरी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

किसान के बेटे जय चौधरी ने कड़ी मेहनत से भारत के टॉप टेन अरबपतियों में जगह बनाई है। दीयों की रोशनी के सहारे शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा हासिल करने अमेरिका गए जय चौधरी (62) आज दुनिया के अरबपतियों की सूची में 577वें स्थान पर हैं। हुरून ग्लोबल रिच लिस्ट-2021 में यह रैंकिंग सामने आई है। जय चौधरी हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के पनोह गांव के रहने वाले हैं। वह अमेरिका में अपनी जी स्केलर साइबर सिक्योरिटी कंपनी चलाते हैं, जिसके वह सीईओ हैं। एक वक्त ऐसा भी था जब जय को उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भेजना था, लेकिन वीजा संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए परिजनों को 20 हजार रुपये लोगों से उधार लेने पड़े थे। जय चौधरी का असली नाम जगतार सिंह चौधरी है। खेतीबाड़ी कर अपने बच्चों को शिक्षित करने वाले जय चौधरी के पिता भगत सिंह भी पत्नी सुरजीत कौर के साथ इन दिनों अमेरिका में ही रहते हैं।

विज्ञापन


जय चौधरी अपने बड़े भाई दलजीत सिंह के मार्गदर्शन में ही शिक्षा पाने अमेरिका पहुंचे और खर्चा पूरा करने के लिए एमटेक करने के साथ-साथ पार्टटाइम नौकरी की। प्राइमरी की शिक्षा पनोह में और आगे की पढ़ाई कई किलोमीटर रोजाना पैदल सफर तय कर धुसाड़ा स्कूल से की। 80 के दशक में एमटेक के लिए अमेरिका गए। बस यहीं से जगतार सिंह चौधरी जय चौधरी बन गए। 2008 में जय ने अमेरिका में साइबर सिक्योरिटी प्रदान करने वाली कंपनी जी स्केलर बनाई, जो कि 2018 में पब्लिक हुई। पब्लिक होने के बाद कंपनी ने खूब तरक्की की और आज इसी की बदौलत जय का नाम दुनियाभर में है। उनके बड़े भाई सेवानिवृत्त प्रिंसिपल दलजीत सिंह ने बताया कि जय ने अपनी मेहनत से यह मुकाम पाया है। तीन भाइयों में सबसे छोटे जय चौधरी की तीन बहनें हैं। जय चौधरी के तीन बच्चे हैं। बुजुर्ग पिता भगत सिंह और माता सुरजीत कौर जय चौधरी के साथ अमेरिका में ही रहते हैं। जय की पत्नी प्रभजोत ने बुजुर्ग सास-ससुर की देखभाल के लिए कंपनी छोड़ दी है। 

विज्ञापन

अध्यापक की सलाह पर गए आईआईटी

पढ़ाई में कुशाग्र होने के कारण जय चौधरी पर अध्यापक भी फोकस रखते थे। वे उन्हें हर तरह से मार्गदर्शन देते थे। हिमाचल यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे जय चौधरी पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई के बारे में योजना बना रहे थे। इस दौरन एक अध्यापक ने जय को आईआईटी करने की सलाह दी। उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में एडमिशन ली। इसके बाद अमेरिका के ओहियो की सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी से मास्टर की डिग्री के लिए प्रवेश लिया। यहां उनकी पढ़ाई स्कॉलरशिप के सहारे चली। 2019 में बिजनेस इनसाइडर के इंडेक्स में जय चौधरी को दुनिया के सबसे अमीर भारतीय मूल के लोगों में शामिल किया गया था।

साल 2018 टर्निंग प्वाइंट
जय ने 1997 में स्कयोरआईटी और साइफर ट्रस्ट की स्थापना की। वे एयर टू वेब में बोर्ड के सदस्य भी हैं। उन्होंने 2008 में जेडकॉलर की स्थापना की। 2018 में करोड़ों की कमाई के चलते जेडकॉलर कंपनी सुर्खियों में आई। 2020 में जारी फोर्ब्स की 400 लोगों की सूची में चौधरी को अमेरिका के 85 सबसे अमीर व्यक्ति माना गया। इस समय जय के पास जेडकॉलर के 45 प्रतिशत शेयर हैं। उन्होंने एयरडिफेंस, कोर हार्पर की भी स्थापना की। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें