बागवानी एवं राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह
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बागवानी एवं राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि पौंगबांध विस्थापितों के लिए राजस्थान में 2.2 लाख एकड़ भूमि आरक्षित की गई है। प्रदेश के 7155 विस्थापितों को भूमि के अनुपात में धनराशि देने का मामला उठाया गया था। विधायक होशियार सिंह के सवाल पर लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि श्रीगंगानगर जिले में 2.20 लाख एकड़ जमीन आरक्षित है। अनूपगढ़ तहसील में 1.90 लाख एकड़, जतसर फार्म में 30 हजार एकड़, भूमि आरक्षित है। इसमें 79406 एकड़ जमीन विस्थापितों को दी गई है। 4 मुरब्बों का कुल रकबा 500 कनाल है। 1996 से आज तक कुल 26 बैठकें हो चुकी हैं। इनमें 4822 मामले प्रस्तुत किए गए और 3705 मामले सुलझाए हैं। राजस्थान सरकार ने अवगत कराया कि 1188 मुरब्बों की भूमि विस्थापितों ने राजस्थान के स्थानीय लोगों को बेच दिया है। इस भूमि को वहां के लोग खरीद नहीं सकते। राजस्थान सरकार ने अवगत कराया कि इन मुरब्बों को खाली नहीं कराया जा सकता।
केंद्रीय रोड फंड में हिमाचल को मिले 941 करोड़
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय रोड फंड के तहत हिमाचल को तीन सालों में 941 करोड़ की राशि स्वीकृति हुई है। यह राशि प्रदेश के विभिन्न डिविजन को जारी की गई है। 2018 में 54 हजार 316 लाख, वर्ष 2019 में 20 हजार 392 लाख और वर्ष 2021 में 19 हजार 458 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह जानकारी विधायक हर्षवर्धन चौहान के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
मई 2022 तक बन जाएगा ठियोग बाईपास
शिमला। ठियोग बाईपास का निर्माण कार्य 18 जुलाई, 2017 को शुरू हुआ। साइट पर दिक्कतों के चलते ठेकेदार को जून 2018 में कार्य रोकना पड़ा। 16 मार्च, 2019 को फिर कार्य शुरू किया गया। इसके निर्माण में अब तक 33.09 करोड़ की धनराशि व्यय की जा चुकी है। निर्माण कार्य मई, 2022 तक पूरा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह जानकारी कांग्रेस विधायक रोहित ठाकुर के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
यथावत रहेगी व्यवस्था
शिमला। स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने बताया कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र स्थानीय पंचायत सचिवों के माध्यम से जारी किए जाते थे। अब इन्हें जिला मुख्यालय से भी जारी किया जा रहा है। यह व्यवस्था यथावत रहेगी। उन्होंने यह जानकारी विधायक प्रकाश राणा के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।