जल शक्ति एवं बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह
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प्रदेश के जल शक्ति एवं बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि सेब सीजन के लिए लेबर लाने को सरकार बसें और वित्तीय मदद देगी। हर रोज दो से तीन सौ तक लेबर राज्य के सेब उत्पादक क्षेत्रों में पहुंच रही है। इस बार सेब के दाम पिछले साल के मुकाबले बागवानों को अच्छे मिल रहे हैं। मंत्री महेंद्र सिंह ने सेब सीजन की तैयारियों को लेकर कहा कि प्रदेश सरकार बागवानों के हितों को लेकर पूरी तरह से चिंतित है।
सरकार ने कार्टन की व्यवस्था पहले ही कर दी है। सेब पर स्कैब और अन्य बीमारियों की मार पड़ने की शिकायतें आने के बाद बागवानी विभाग के अधिकारियों और नैणी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की कमेटी बनाकर बगीचों में बराबर निगरानी रखने को कहा है। उनका कहना है कि टाइडमैन सेब पराला मंडी में पिछले साल 600 रुपये पेटी के हिसाब से बिकता था। इस साल वही सेब बगीचों में 2000 रुपये पेटी के हिसाब से बिका है।
इस साल सेब सीजन पर कोरोना का असर साफ देखने को मिल रहा है। बीते साल के मुकाबले मंडियों में बाहरी राज्यों से लगभग आधे ही खरीददार पहुंचे हैं। इतना ही नहीं बीते साल के मुकाबले सीजन की रफ्तार भी इस बार धीमी है।पिछले साल 15 जुलाई को औपचारिक रूप से सेब सीजन की शुरुआत होने पर रोजाना करीब 14 से 15 हजार पेटी सेब मंडी पहुंच रहा था, लेकिन इस बार 8000 पेटी सेब मंडी पहुंच पाया है।
पेड़ों से सेब के तुड़ान, पैकिंग और ढुलाई के लिए लेबर न होने के कारण भी सीजन रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा। बीते साल 15 जुलाई तक शिमला की भट्टाकुफर फल मंडी में ही करीब साठ से सत्तर खरीददार पहुंच चुके थे लेकिन इस साल अभी तक महज 25 से 30 खरीददार ही पहुंचे हैं। भट्टाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ठाकुर का कहना है कि बीते साल के मुकाबले इस साल सीजन की रफ्तार धीमी है।