हिमाचल में स्क्रब टायफस और स्वाइन फ्लू से 46 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। इन दोनों बीमारियों से प्रदेश पूरी तरह निपटा भी नहीं था कि अब डेंगू के रूप में तीसरी बीमारी के प्रकोप ने हड़कंप मचा दिया है। स्क्रब टायफस ने शिमला में जबकि स्वाइन फ्लू ने कांगड़ा में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया था।
अब सोलन जिले में डेंगू बुखार का कहर बरपा है। वहीं प्रदेश के कई अन्य हिस्सों से भी डेंगू के मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। 400 से ज्यादा लोग पॉजिटिव पाए हा चुके हैं। सूबे में बीमारियों के कहर की बात करें तो इस साल स्क्रब टायफस के 9,329 संदिग्ध मामले अस्पतालों में रिपोर्ट हुए।
जांच के दौरान 1354 मरीज पॉजिटिव पाए गए। 31 लोगों की तो जान भी चली गई। इनमें शिमला में सबसे ज्यादा 11, कुल्लू-कांगड़ा में सात-सात, चंबा-मंडी में दो-दो और बिलासपुर-किन्नौर में एक-एक लोगों की मौतें हुईं।