इसके लिए प्रदेशभर में 3 और 4 जून को काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। शिक्षा निदेशालय ने इस बार भर्ती प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब अभ्यर्थियों को केवल अपने ही जिले में काउंसलिंग के लिए उपस्थित होना होगा। वहीं वे अन्य जिलों के लिए निर्धारित प्रपत्र पर प्राथमिकताओं का क्रम (ऑर्डर ऑफ प्रेफरेंस) भर सकेंगे। पहले अभ्यर्थियों को अलग-अलग जिलों में स्वयं जाकर काउंसलिंग में भाग लेना पड़ता था, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ते थे।
नई व्यवस्था से उम्मीदवारों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली ने कहा कि मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से डीपीएड डिग्री या डिप्लोमा होना अनिवार्य है। इसके अलावा शारीरिक शिक्षा में 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक डिग्री रखने वाले उम्मीदवार भी पात्र होंगे। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार अंकों में छूट का प्रावधान दिया गया है।
निदेशालय ने विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग कटऑफ बैच निर्धारित किए हैं। सामान्य वर्ग का 31 दिसंबर 2005 तक, एससी अनारक्षित का 31 दिसंबर 2007 तक, ईडब्ल्यूएस का वर्ष 2006 तक, वार ऑफ फ्रीडम फाइटर (सामान्य) का 31 दिसंबर 2021 तक, एससी बीपीएल का 31 दिसंबर 2008 तक, ओबीसी अनारक्षित का 31 दिसंबर 2007 तक, ओबीसी बीपीएल का 31 दिसंबर 2008 तक, एसटी अनारक्षित का 31 दिसंबर 2007 तक, एसटी बीपीएल का 31 दिसंबर 2008 तक कट ऑफ बैच तय किया गया है। काउंसलिंग के दौरान उम्मीदवारों के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच भी की जाएगी।
वहीं प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्करों को शिक्षा निदेशालय ने राहत देते हुए फिलहाल आगामी आदेशों तक वीएसके पोर्टल पर लोकेशन आधारित ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने से छूट दे दी है। यह फैसला उन शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें कहा गया था कि कई पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर्स के पास स्मार्टफोन नहीं हैं। ऐसे में वे पोर्टल के माध्यम से लोकेशन आधारित उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे थे, जिससे उन्हें व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। शिक्षा निदेशक आशीष कोहली की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि मामले की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया कि स्कूलों में कार्यरत सभी वर्करों को फिलहाल ऑनलाइन लोकेशन आधारित अटेंडेंस प्रणाली से मुक्त रखा जाए।