सिरमौर और सोलन में दो ऐसे प्राइमरी स्कूल भी थे, जहां शिक्षकों की संख्या 11 से 15 के बीच रही। छठी से आठवीं कक्षा वाले 57 मिडल स्कूलों में एक-एक, 416 में दो-दो, 773 में तीन-तीन और 701 स्कूलों में चार से छह शिक्षक सेवारत रहे। ऊना, सिरमौर और कांगड़ा जिले में 12 ऐसे प्राइमरी स्कूल भी थे, जहां शिक्षकों की संख्या शून्य थी। रिपोर्ट के अनुसार 10,555 प्राइमरी स्कूलों में से 5,113 में 20 से कम बच्चे, 4487 में 21 से 60, 681 में 61 से 100 और 180 स्कूलों में 101 से 140 बच्चे थे। 1949 मिडल स्कूलों में से 993 में 20 से कम, 895 में 21 से 60, 47 में 61 से 100 और 13 स्कूलों में 101 से 140 तक नामांकन रहा।
पहली से बारहवीं कक्षा में बढ़े 37,952 विद्यार्थी
प्रदेश में पहली से बारहवीं कक्षा में 37,952 विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी। वर्ष 2021-22 के दौरान सरकारी स्कूलों में 8,31,310 विद्यार्थियों ने दाखिले लिए। वर्ष 2020-21 में सरकारी स्कूलों में दाखिले लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या 7,93,358 थी।