हिमाचल में लॉकडाउन की आड़ में सेब कार्टन और पैकिंग ट्रे के दामों में उछाल आने से बागवानों को पैकिंग ट्रे का बंडल अब पिछले साल के मुकाबले सौ रुपये महंगे मिल रहे हैं। सेब पैकिंग कार्टन के दाम तय न होने से बागवानों में नाराजगी बढ़ने लगी है। इस बार सरकार ने चेरी के डिब्बे पिछले साल के तय दामों पर बागवानों को सीजन में उपलब्ध कराए थे।
प्रदेश के सेब बागवानों पर लॉकडाउन का असर पड़ने लगा है। सेब पैकिंग ट्रे और कार्टन के दाम महंगे कर दिए गए हैं। उत्पादकों ने बागवानों से ट्रे और कार्टन का एडवांस लेना आरंभ कर दिया है। पिछले साल ट्रे का बंडल 480 से 520 रुपये में बेचा गया था।
इस बार सीधे सौ रुपये प्रति बंडल बढ़ा दिया है। इसी तरह से पिछली बार सेब के कार्टन का रेट 45 से लेकर 58 रुपये प्रति कार्टन बिका था। इस बार बागवानों को यह कार्टन 5 से 8 रुपये महंगा दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने इस बार चेरी उत्पादकों को डिब्बे पिछले साल के रेट पर उपलब्ध कराए थे, लेकिन इस बार सेब उत्पादकों को महंगे दामों पर पैकिंग सामग्री दी जा रही है।
हिमाचल प्रदेश सब्जी एवं फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान कहते हैं कि उत्पादक बागवानों को पिछले साल के मुकाबले ट्रे के बंडल सौ रुपये महंगा दे रहे हैं। इसके अलावा कार्टन भी आठ रुपये तक महंगा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पैकिंग ट्रे और कार्टन के रेट गुणवत्ता के हिसाब से तय करें, ताकि बागवानों पर वित्तीय बोझ न पड़े।