हिमाचल में सेब से महंगा प्याज हो गया है। दो दिन के भीतर ही प्याज के दाम 20 रुपये चढ़ गए हैं। कई जिलों में 60 तो कई जिलों में प्याज 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है। इधर, मंडियों में सेब 30 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है। मैदानी राज्यों में जारी बारिश से प्याज की फसल को नुकसान पहुंचा है।
ऐसे में हाल-फिलहाल प्याज के दाम गिरने की संभावना नहीं है। वीरवार तक सब्जी मंडी में प्याज 40 से 50 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, जो अब बढ़ कर 60 रुपये प्रति किलो हो गया है। मैदानी इलाकों से सप्लाई कम आने से दाम बढ़े हैं।
हिमाचल में दिल्ली और चंडीगढ़ से प्याज की सप्लाई आती है। प्याज की बढ़ती कीमतों ने रसोई का बजट गड़बड़ा दिया है। प्याज ने गृहणियों को रुला दिया है। होटलों और ढाबों में प्याज का स्लाद मांगने पर भी नहीं मिल रहा। गृहणियां भी बिना प्याज के तड़का लगा रही हैं।
कालाबाजारी शुरू- प्रदेश में प्याज के दामों में अचानक हुई बढ़ोतरी से इसकी कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। प्याज के दाम बढ़ने का अनुमान लगते ही दुकानदारों ने पुराने स्टॉक को गोदामों में भर लिया है। जैसे-जैसे दाम बढ़ रहे हैं, प्याज का स्टॉक बाहर आ रहा है।
इधर, प्याज के दाम जांचने और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई प्रबंध नहीं हैं। कुछ दूरी पर ही प्याज के अलग-अलग दाम वसूले जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में दाम दस से बीस रुपये अधिक वसूल किए जा रहे हैं।
हर जिले में अलग दाम- मैदानी राज्यों में जारी बरसात ने प्याज की फसल को नुकसान पहुंचाया है। राजधानी शिमला के अलावा जिला सिरमौर में प्याज प्रति किलो 40-50 रुपये, बिलासपुर में 50 से 60 रुपये, हमीरपुर में 55 से 60 रुपये, चंबा, रामपुर में 60 रुपये, ऊना में 70 रुपये तक दाम पहुंच गए हैं। सोलन में 70 रुपये, कुल्लू में 60 से 70 रुपये, धर्मशाला में 60 रुपये, मंडी में 60 से 70 रुपये प्रति किलो के हिसाब से प्याज बिक रहा है।