प्रदेश के किन्नौर के निगुलसरी में हाईवे यातायात के लिए अवरूद्ध है। ऐसे में किन्नौर का सेब और स्पीति के मटर गाड़ियों की आवाजाही वाया काजा-कुंजम दर्रा और अटल टनल रोहतांग से वैकल्पिक रूप से की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के निगुलसरी में हाईवे यातायात के लिए अवरूद्ध है। ऐसे में किन्नौर का सेब और स्पीति के मटर गाड़ियों की आवाजाही वाया काजा-कुंजम दर्रा और अटल टनल रोहतांग से वैकल्पिक रूप से की जा रही है। इसमें सीमा सड़क संगठन भी पूरा सहयोग कर रहा है। करीब एक सप्ताह से बंद इस मार्ग पर 8 सितंबर से लेकर 13 सितंबर तक 113 वाहन सेब से भरे निकाले गए हैं। सभी वाहन किन्नौर से लोसर चेक पोस्ट से होकर कोकसर और अटल टनल से रवाना हुए हैं। इसमें नौ पिकअप और 104 ट्रक शामिल है। मटर के 71 वाहनों को भी निकाला गया। जिनमें 33 पिकअप और 38 ट्रक हैं।
विज्ञापन
एसडीएम हर्ष अमरेंद्र नेगी ने कहा कि काजा में पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। अभी तक काजा में 13,000 लीटर पेट्रोल और 28,000 लीटर डीजल स्टोर है। इसके अलावा सुचारू डीजल, पेट्रोल की आपूर्ति काजा में वाया कुल्लू और मनाली से पहुंच रही है। तीन और टैंकर डीजल, पेट्रोल के 15 सितंबर शाम को काजा पहुंचेंगे। इन टैंकरों में 16,000 लीटर डीजल और 8,000 लीटर पेट्रोल होगा। उन्होंने कहा कि लोसर से मनाली वाया कुंजुम दर्रा होकर मार्ग पर पुलिस यातायात को बहाल करने के लिए पेट्रोलिंग पर है। बीआरओ की मशीनरी भी एडवांस में तैनात है। बीआरओ के अधिकारी बीडी धीमान ने कहा कि किन्नौर, स्पीति घाटी के सेब और मटर की सप्लाई ग्रांफू-काजा हाईवे 505 से लगातार चल रही है।